Jabalpur News : जबलपुर नईदुनिया प्रतिनिधि। वाहनों के टायर से तेल निकालने वाले दुकानदारों पर जबलपुर जीएसटी ने बड़ी कार्रवाई की है। कई ऐसी जानकारी सामने आई है, जिससे अधिकारी भी अचंभित हैं। जीएसटी की एंटी एजिंग में जबलपुर समेत कई शहरों के लगभग 22 ठिकानों पर छापे मारे, जिसमे संचालकों के घर और गोदाम पर जांच टीम पहुंची।

कुछ फर्में बोगस मिलीं

स्टेट जीएसटी एंटी इवेजन ब्यूरो की टीम ने शुक्रवार को छापे की कार्रवाई की। इनमें कुछ फर्में बोगस मिलीं। उन्होंने जो कारोबारी स्थल और घर का पता बताया था, वह वास्तव में नहीं था। इसी प्रकार फर्जी कारोबार दिखाकर सरकार से आईटीसी लेना सामने आया है। तेल निकालने वाली कंपनियों पर छापे की कार्रवाई की गई है। इनके घर, गोदाम और अतिरिक्त कारोबारी स्थलों की जांच शुरू हुई है। जबलपुर एंटी इवेजन ब्यूरो कार्यालय से अलग-अलग समय में इन फर्मों पर कार्रवाई के लिए टीमे निकलीं। सबसे पहले उन्होंने वहां पहुंचकर स्टॉक से जुडे़ दस्तावेज जब्त किए। स्क्रेप टायर से निकलने वाले टायर आइल का कई कामों में उपयोग किया जाता है।

कागजों पर बना दीं कंपनियां

जीएसटी के अधिकारियों ने राइट टाउन की अरहम ट्रेडर्स में पहुंची तो जांच में सामने आया कि संचालक ने जो निवास और व्यावसायिक स्थल का पता बताया था, वह सही जगह पर नहीं है। कारपोरेट क्यूब नरसिंहपुर की जांच में भी घर का पता सही नहीं मिला। जो घर बताया उसमें नौकर रह रहा था। व्यावसायिक स्थल तो मिला नहीं। अधीरा एडहेसिव एंड कैमिकल्स नेपियर टाउन में संचालक ने जो निवास स्थान बनाया वहां कोई नहीं मिला। गोरखपुर और मुरैना में व्यावसायिक स्थल संदेहास्पद रहे।

कागजों पर लिखा गलत पता

आस इंडस्ट्री मनेरी के संचालक के घर का पता गलत लिखा था। लेकिन व्यावसायिक स्थल शक्ति नगर में जांच शुरू की गई। उसकी तरफ से मैहर में भी एक पता लिखा गया था। लेकिन वहां दो साल से कोई गतिविधि नहीं मिली।शक्तिनगर में सतेन्द्र कुमार राय के घर एवं अतिरिक्त् व्यावसायिक स्थल पर जांच की जा रही है। यहां कारोबार से जुड़ा स्टॉक लिया गया। कृपाल चौक शक्तिनगर में बालाजी कनवर्टर्स और श्री बालाजी कनवर्टर्स की घर एवं मनेरी में व्यवसायिक स्थल पर जांच की जा रही है। दूसरी कंपनी का एक पता रीवा में भी लिखा गया था लेकिन वहां कुछ नहीं पाया गया।

Posted By: Dheeraj Bajpaih

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