Jabalpur News : जबलपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। अधारताल दीवान अधारसिंह वार्ड के अंतर्गत आने वाली जय प्रकाश नगर कालोनी के रहवासियों को 42 वर्ष बाद भी खुद के बनाए मकानों का मालिकाना हक नहीं मिल पा रहा है। क्योंकि जिन कालोनाइजरों से प्लाट खरीदकर मकान बनाए गए हैं उन प्लाटों के खसरा में भू-स्वामी के रूप में दूसरे के नाम दर्ज हैं। जिसके कारण न तो रहवासी अपना मकान बेच पा रहे हैं न नामांतरण व बंटवारा करवा पा रहे हैं। यहां तक बैंक से लोन भी नहीं ले पा रहे हैं। कुछ ऐसे भी पीड़ित हैं जिनके मकान के नाम पर दूसरों ने लाखों का लोन तक ले रखा है। अवैध कालोनी का दंश झेल रहे जेपी नगर के रहवासी कलेक्ट्रेट के चक्कर लगाकर खसरें में नाम दर्ज कराने की गुहार लगा रहे हैं पर सुनवाई नहीं हो पा रही है।

1980 में बनी थी कालोनी-

स्थानीयजनों ने बताया कि जेपी नगर कालोनी का निर्माण कुछ कालोनाइजरों ने मिलकर 1980 में कराया था। कालोनाइजरों ने दस्तावेजों में प्लाट मालिक का नाम दर्ज कराने के एवज में पैसे तो ले लिए पर खसरे में नाम दर्ज नहीं कराया। तत्कालीन कलेक्टर भागीरथ प्रसाद ने जेपी नगर कालोनी को अवैध घोषित कर दिया। कालोनाइजरों की लापरवाही से तब से ये कालोनी अवैध कालोनियों में शामिल हैं। कालोनी को वैध करने वाली सूची से भी इसे बाहर रखा गया है। उस समय की रजिस्ट्री भी शून्य कर दी गई है।

राजस्व रिकार्ड में कोई दूसरा है भू-स्वामी-

कालोनी वासियों ने बताया कि उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर राजस्व रिकार्ड में खसरा की जांच तो पता चला अनेकों प्लाट नंबर ऐसे हैं जो उन्हें आवंटित किए गए हैं पर खसरे में उनकी जगह भूस्वामी के कालम में दूसरे का नाम चढ़ा है। खसरा में जिनके नाम है उन्होंने बैंक से लाखों का लोन ले रखा है। क्षेत्रीय जनों ने कलेक्टर से खसरों में सुधार कराने की गुहार लगाई है।

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बाक्स--

दो हजार कालोनीवासी है परेशान, सिर्फ करदाता बनकर रहे गए

पीड़ितों का कहना है कि हाल ये है कि संपत्ति के नाम पर न तो बैंक लोन मिल सकता है ना पुरानी रजिस्ट्री वैध की जा रही है। यहां तक जिला प्रशासन के राजस्व रिकार्ड में कालोनी का मैप किसी भी नामित खसरा क्रमांक की जानकारी नहीं देता। कालोनी के करीब दो हजार रहवासी सिर्फ नगर निगम को टैक्स जमा करने तक ही सीमित है। केयर टेकर की भूमिका में मकान के मालिक अब तक नहीं बने हैं।

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बाक्स-

हर जगह मिल रहा भटकाव-

- नगर निगम से नक्शा पास नहीं हो रहा

- कलेक्ट्रेट में नामांतरण नहीं हो पा रहा

- 1982 में जो रजिस्ट्री हुई है रजिस्ट्री करने वाले को बुलाने कहा जा रहा है

- न मकान बनवा पा रहे न बेच पा रहे न ही नामांतरण,बंटवारा हो रहा है

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जेपी नगर कालोनी के नागरिक टैक्स पेयर बनकर रह गए हैं। खसरे में अब भी भू-स्वामी का नाम दर्ज होने से नाम नहीं चढ़ पा रहा है।नगर निगम का कहना है कि ये उनके हाथ में नहीं है कलेक्ट्रेट से भी काम नहीं हो रहा है।

भीष्म कुमार वर्मा, रहवासी

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नगर संपत्ति कर तो वसूल रहा है पर नक्शा पास नहीं कर रहा है। जिला प्रशासन के राजस्व रिकार्ड में कालोनी का मैप किसी भी नामित खसरा क्रमांक की जानकारी नहीं देता। ऐसे में हम सब परेशान है इसका निराकरण किया जाना चाहिए।

जागेश्वर केसरशनी, रहवासी

जयप्रकाश नगर कालोनी के पेपर देखकर ही कुछ कहा जा सकता है कि खसरे में नाम दर्ज क्यों नहीं हो रहा है। किसी ने रोक तो नहीं लगाई है, कालोनी वासियों की जो भी समस्या है वे मुझसे आकर मिल सकते हैं समस्या का निराकरण कराने के प्रयास किए जाएंगे।

ऋषभ जैन, एसडीएम, आधारताल

Posted By: Jitendra Richhariya

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