जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि। आयुष्मान योजना फर्जीवाड़े में सेंट्रल इंडिया किडनी अस्पताल के संचालक दंपती कई माह से जेल में बंद हैं। अस्पताल संचालक दुहिता पाठक, उनके पति किडनी रोग विशेषज्ञ डा. अश्विनी पाठक के खिलाफ आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े की सूचना पुलिस को मिली थी। पुलिस को पता चला था कि दंपती द्वारा संचालित वेगा होटल में आयुष्मान योजना के स्वस्थ हितग्राहियों को मरीज बनाकर भर्ती किया जाता है। निर्धारित समय तक भर्ती रहने पर उन्हें होटल में चाय नाश्ता भोजन व हजारों रुपये दिए जाते हैं। अगस्त माह में पुलिस ने किडनी अस्पताल व वेगा होटल में दबिश दी थी।

राइट टाउन स्थित अस्पताल के नाम पर भर्ती किए गए आयुष्मान योजना के तमाम हितग्राही होटल वेगा में मिले थे। जहां न तो अस्पताल जैसी सुविधा थी न ही चिकित्सा संसाधन। बिना संसाधन होटल के एक-एक कमरे में दो-दो हितग्राहियों को भर्ती किया गया था। होटल में 35 लोग पाए गए थे, जिन्हें आयुष्मान योजना के तहत मरीज बनाकर रखा गया था।

28 अगस्त को पुलिस ने डा. अश्विनी पाठक व उनकी पत्नी दुहिता पाठक को गिरफ्तार कर कोर्ट के निर्देश पर जेल भेज दिया था। अस्पताल व होटल का लाइसेंस रद किया जा चुका है। केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना सीजीएचएस ने भी अस्पताल से संबद्धता खत्म कर दी है। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा ने मामले की विवेचना एसआइटी को सौंपी है। अब तक चली जांच में पता चला है कि किडनी अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत साढ़े छह हजार से ज्यादा लोगों को भर्ती कर उपचार किया गया। शासन से करोड़ों रुपये वसूले गए।

Posted By: Jitendra Richhariya

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