जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। इंदिरा गृह ज्योति योजना में मप्र सरकार ने 150 यूनिट महीने में बिजली की खपत करने वाले हर उपभोक्ता को शामिल किया है। जिसके बाद रीडिंग वक्त पर करवाना बिजली कंपनी के लिए चुनौती से कम नहीं होगा, क्योंकि पिछले दिनों रीडिंग में लेटलतीफी को लेकर उपभोक्ता परेशान होते रहे। देरी से बिल का टैरिफ बढ़कर आता रहा है। हालांकि कंपनी का दावा है कि रीडिंग 30 दिन से कम या ज्यादा होने पर औसत आंकलन पर बिल तैयार होगा। इससे उपभोक्ता को वास्तविक खपत पर ही बिल जारी किया जाएगा।

13 हजार घरों की हर दिन रीडिंग

जबलपुर में मीटर रीडिंग का काम ठेके पर दिया हुआ है। ठेका कंपनी फेडको के पास करीब 130 कर्मचारी हैं, जो मीटर रीडिंग करते हैं। करीब पौने चार लाख उपभोक्ताओं की रीडिंग 30 दिन में करना मुश्किल होता है। लगभग हर माह कई इलाकों में 30 दिन के बाद रीडिंग होती है। इस बार अधीक्षण यंत्री आईके त्रिपाठी ने दावा किया कि 13 हजार उपभोक्ताओं के घर हर दिन रीडिंग दर्ज हो रही है। ऐसे में तय अवधि के भीतर रीडिंग होने लगी है। उन्होंने कहा कि समय पर हर उपभोक्ता के घर की रीडिंग होगी। यदि ऐसा कंपनी नहीं कर पाई तो उसे जुर्माना लगाया जाएगा।

10 रुपए देरी पर जुर्माना

ठेका कंपनी यदि तय अवधि के भीतर मीटर की रीडिंग नहीं करती है तो उस पर अनुबंध शर्तों के अनुरूप 10 रुपए प्रति उपभोक्ता की दर से जुर्माना लगाया जाता है।

यह ध्यान रखें

- बिजली बिल में मीटर रीडिंग की तारीख दर्ज होती है। नए बिल से पिछले बिल की तारीख मिलान करे। यदि अवधि में अंतर है तो रीडिंग की अवधि की खपत के अनुसार ही बिल तैयार करवाएं। हालांकि कंपनी का दावा है कि मीटर रीडिंग सॉफ्टवेयर में ऐसी सुविधा होगी कि 30 दिन के औसत पर ही बिल जारी होगा।

- शहर में 150 यूनिट तक खपत होने पर इंदिरा गृह ज्योति योजना में लाभ मिलेगा। यानी 150 यूनिट का बिल योजना में करीब 409 रुपए देना होगा। यदि खपत 151 यूनिट भी पहुंची तो योजना से बाहर हो जाएंगे। बिल की राशि सीधे 1068 रुपए हो जाएगी। करीब 659 रुपए ज्यादा देना होगा।