जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि।

किडनी की बीमारी से ग्रसित एनवीडीए के उपयंत्री आरके तिवारी को उन्हीं के कार्यालय वालों ने एक साल तक भटकाया। बीमा क्लेम की राशि उन्हें समय रहते नहीं दी जा सकी। जब उपयंत्री की शिकायत केयर बाय कलेक्टर के वाट्सएप नंबर पर पहुंची तो 20 घंटे के अंदर लंबित बिलों को भुगतान हो गया। इस योजना के तहत दर्जनों शिकायतों का निराकरण रोजाना किया जा रहा है। इस बार उपयंत्री ने वाट्सएप नंबर पर शिकायत का निराकरण होते ही कलेक्टर को धन्यवाद प्रेषित किया।

यह है मामला:

- केयर बाय कलेक्टर के नंबर पर रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना बरगी हिल्स में कार्यरत उपयंत्री आरके तिवारी की दोनों किडनी खराब होने के कारण स्थानीय अस्पताल में डायलिसिस चल रहा है। लेकिन कार्यालय की लापरवाही से मेडिकल क्लेम एक साल तक नहीं जारी किया गया। कलेक्टर ने विभागीय अधिकारी को फोन कर अपने कलेक्टर कार्यालय बुलाया और 24 घंटे के अंदर क्षतिपूर्ति राशि संबंधित के खाते में भिजवाने के निर्देश दिए। जिसके फलस्वरूप शिकायतकर्ता कर्मचारी ने मैसेज के माध्यम से बताया कि लंबित बिलों का भुगतान विभाग ने कर दिया है और मेरे बैंक खाते में राशि आ गई है। पीड़ित कर्मचारी ने कलेक्टर को वाट्सएप पर ही धन्यवाद दिया। अभी तक इस योजना का लाभ सैकड़ों लोग प्राप्त कर चुके हैं।

यहां कर सकते शिकायत:

- 7587970500 मोबाइल नंबर पर कोई भी व्यक्ति किसी विभागीय लापरवाही से जुड़ी शिकायत भेज सकता है। इस बात का ध्यान रखें कि शिकायत में पूरी जानकारी संबंधित विभाग और कर्मचारी-अधिकारी से जुड़ी होनी चाहिए।

Posted By: Brajesh Shukla

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