जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शहर के सबसे व्यस्त और प्रमुख क्षेत्रों को अपनी सीमा में जोड़ने वाले जवाहरगंज वार्ड में एक नहीं बल्कि कई समस्याएं हैं। इनका समाधान तलाशने के लिए यहां के जनप्रतिनिधियों से लेकर निगम और जिला प्रशासन ने कई बार कदम उठाए और नए प्रयोग भी किए, लेकिन आज तक इन समस्याओं का समाधान नहीं तलाश पाए। जबलपुर के कमानिया गेट चौराहे से लेकर विजय कटपीस, तिलकभूमि की तलैया से लेकर घमंडी चौक, लार्डगंज चौराहे से लेकर कछियाना और फिर गोलबाजार के महाकौशल स्कूल से लेकर लोहिया पुल के आस-पास आने वाल क्षेत्र जवाहरगंज में आता है। यहां रहने वाले लोगों की सबसे बड़ी समस्या पार्किंग, बारिश के पानी की निकासी से लेकर कचरे का ढे़र और पार्किंग व्यवस्था है। शहर के मुख्य बाजार से जुड़े होने की वजह से हर दिन क्षेत्रीयजनों, व्यापारी, दुकानदारों को अव्यवस्थित खड़े वाहनों की पार्किंग की समस्या से जूझना पड़ता है।

पार्किंग की बड़ी समस्या, नहीं निकला समाधान

पार्किंग की समस्या का समाधान करने कई बाद व्यापारियों, क्षेत्रीय जनों से लेकर जनप्रतिनिधियों ने कई बाद मंथन किया। यहां तक की इसका समाधान भी निकाला गया। इसमें अधिकांश सड़कों से निकलने वाले वाहनाें के लिए वन वे व्यवस्था की गई। यहां तक की दुकानों से लेकर बिल्डिंग में खड़े होने वाले वाहनों की पार्किंग को सुधारने का काम भी हुआ, लेकिन यह व्यवस्था ज्यादा दिन नहीं चली और हालात जस के तस बन गए। आज भी सड़क किनारे खड़े दो और चार पहिया वाहनों की वजह से सड़कें सकरी हो जाती हैं। रात को चौड़ी दिखने वाली सड़क सुबह वाहनों के अव्यवस्थिति खड़े होने से राहगीरों को पैदल चलने में भी मुश्किल होती है।

यहां ज्यादा समस्या

पार्किंग की सबसे ज्यादा समस्या, कमानिया गेट से लेकर विजय कटपीस के पास है। वहीं तिलकभूमि की तलैया में वाहनों को खड़े करने पार्किंग तो बनाई गई है, लेकिन यहां पर दो पहिया वाहनों की जगह चार पहिया वाहन खड़े कर दिया जाते हैं, जिससे पूरी पार्किंग व्यवस्था पटरी से उतर जाती है। इस वजह से कई बार वाहन चालक और क्षेत्रीय जनों के बीच बहस और झड़प के हालात बनते हैं। इसको लेकर पार्षद से लेकर निगम प्रशासन ने कई कदम उठाए, लेकिन इसका पालन नहीं हुआ। क्षेत्रीय जनों का कहना है कि हर बार जनप्रतिनिधि इस समस्या को चुनाव में मुद्दा बनाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद मुद्दा ही बना रहता है समाधान नहीं होता।

कचरें के ढे़र से परेशान

क्षेत्र में दुकान, गोदाम और व्यवसायिक क्षेत्र होने की वजह से हर दिन कचरे की निकासी बड़ी मात्रा में होती है, लेकिन कचरे के ढे़र को उठाने के लिए बेहतर प्रबंधन और व्यवस्थाएं न होने की वजह से हर तरफ कचरे का ढ़ेर लगा रहता है। तिलक भूमि की तलैया के आस-पास कचरे का ढेर देखकर हर कोई निगम की व्यवस्था को ही कोसता है। दुकानों और गोदाम से निकलने वाले कचरे का ढेर लगा दिया जाता है। जिस पर जानवर बैठकर यहां की सफाई व्यवस्था को चौपट कर देते हैं।

सड़क की दुकानों से सकरी हो गई गलियां-

क्षेत्र में सकरी गलियां है, इस वजह से पार्किंग की हमेशा समस्या बनी रहती है। फिलहाल यहां व्यापारी अपनी दुकान के बाहर दुकान लगा देते हैं, जिससे सड़कें और सकरी हो जाती हैं। जहां तक कचरे की बात है तो इसकी नियमित समीक्षा होती है। बड़ा फुहारा के आस-पास लगने वाली दुकानों से सड़क पर जाम लगता था, जिसे हटा दिया गया है। इससे हालात सुधरे हैं। निगम प्रशासन पूरा प्रयास करता रहता है कि क्षेत्र में सफाई और पार्किंग व्यवस्था बेहतर बनी रहे। - कुलदीप तिवारी, संभागीय अधिकारी, बल्देवबाग जोन नगर निगम

- क्षेत्र में कचरे को उठाने को लेकर हर बार समस्या रहती है। खासतौर पर तिलकभूमि की तलैया और विजय कटपीस के आस-पास हमेशा कचरे का ढेर लगा ही रहता है।-विजय कोरी, क्षेत्रीयजन

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-रात को चौड़ी दिखने वाली सड़क, सुबह दुकान खुलते ही सकरी हो जाती हैं। यहां पर सबसे ज्यादा समस्या अव्यवस्थित पार्किंग से बनती है, जिसका समाधान अब तक नहीं तलाशा गया।-राम एस तिवारी, क्षेत्रीयजन

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-कचरे का ढ़ेर और उस पर आवारा पशुओं के बैठे रहने से क्षेत्र में गंदगी रहती है। शिकायत करने पर समस्या दूर हो जाती है और कुछ दिन बाद हालात जस के तस बन जाते हैं।-अभिलाष चौरसिया, क्षेत्रीयजन

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इन्हें क्षेत्रों को बुरा हाल

- कमानिया गेट चौराहे से लेकर विजय कटपीस के पास वाली गली तक गंदगी

- पोस्ट आफिस से तिलकभूमि की तलैया से होते हुए घमंडी चौक तक सड़कों पर गंदगी

- लार्डगंज चौराहे से कछियाना मार्ग तक सड़कों पर खड़ी अव्यवस्थित पार्किंग

- महाकौशल स्कूल के पीछे लोहिया पुल के आस-पास लगा कचरे का ढे़र

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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