जबलपुर , नईदुनिया प्रतिनिधि। स्टेशन पर आने वाली ट्रेनों में लगे कोच की सही लोकेशन बताने के लिए इंदौर रेलवे हर छोटे बड़े स्टेशनों में कोच गाइडेंस सिस्टम लगा रहा है। इसका फायदा यात्रियों को मिलने लगा है । पमरे द्वारा यात्रियों की सुविधाओं में ज्यादा से ज्यादा विस्तार किया जा रहा है। पमरे ने यात्रियों की सुविधा के लिए 37 स्टेशनों के 107 प्लेटफार्मों पर कोच गाइडेंस सिस्टम लगाए हैं। इससे यात्रियों को अपने निर्धारित कोच के पास पहुंचकर गाड़ी में चढ़ने में सुविधा हो रही है। जून 2022 तक जबलपुर मंडल के 13 स्टेशनों के 38 प्लटफार्मों, भोपाल मंडल के 08 स्टेशनों पर 30 प्लटफार्मों और कोटा मंडल के 16 स्टेशनों पर 39 प्लेटफार्मों में कोच गाइडेंस सिस्टम लगाकर यात्रियों की सुविधाओं में विस्तार किया गया है।

तीन मंडल में लगाए सिस्टम

जबलपुर मंडल के 13 स्टेशन :- जबलपुर, मदन महल, नरसिंहपुर, गाडरवारा, पिपरिया, कटनी, कटनी साऊथ, कटनी मुड़वारा, मैहर, सतना, रीवा, दमोह एवं सागर स्टेशनों पर कोच गाइडेंस सिस्टम लगाए गए हैं।

भोपाल मंडल के 8 स्टेशन :- भोपाल, रानी कमलापति, इटारसी, होशंगाबाद, विदिशा, संत हिरदा रामनगर, बीना एवं हरदा ।

कोटा मंडल के 16 स्टेशन :- कोटा, बारां, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, रामगंज मण्डी, शामगढ़, विक्रम आलोट, बयाना, भरतपुर, श्रीमहावीर जी, हिण्डौन सिटी, सोगरिया, बूंदी, लाखेरी, भवानीमंडी एवं डकनिया तलाव स्टेशनों पर कोच गाइडेंस सिस्टम लगाए गए।

डिजिटल कोच गाइडेंस सिस्टम के फायदे -

- इस सुविधा के उपलब्ध होने से यात्री गाड़ी आने के पूर्व ही निर्धारित कोच के सामने स्थान पर आकर सामान सहित चढ़ने के लिए तैयार हो जाते है।

- प्लेटफार्म पर गाडी के समय भीड़-भाड़ एवं इधर-उधर जाने में होनी वाली कठिनाई से बचा जा सकता है।

- कोच के सामने भीड़ को कम करने में काफी मददगार साबित हो रही है।

- विशेषकर रात्रि के समय डिजिटल प्रभावी कलर युक्त लाईट होने के कारण यह डिसप्ले बोर्ड यात्रियों को दूर से ही दिख जाते हैं, जिससे कोच तक पहुंचने में यात्रियों को सुविधा होती है।

Posted By: tarunendra chauhan

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