जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। इलाज के लापरवाही के खिलाफ जबलपुर निवासी मंदीप सिंह ने जिला उपभोक्ता आयोग में मामला दायर कर दिया है। उनकी ओर से अधिवक्ता प्रद्युम्न पारे पैरवी कर रहे हैं। उन्होंने अवगत कराया कि याचिका में एक निजी हास्पिटल व मुख्य चिकित्सा व स्वास्‍थ्य अधिकारी को पक्षकार बनाया गया है।

पांच लाख खर्च होने के प्रमाण प्रस्तुत किए : मामला यह है कि आवेदक के पिता इकबाल सिंग बाबा का कोरोना काल में स्वास्थ्य खराब हो गया था। उन्हें सांस लेने में तकलीफ थी। लिहाजा, तीन मई, 2021 को जबलपुर के निजी हास्पिटल में भर्ती कराया गया। जिसके बाद इलाज शुरू हुआ। लेकिन हालत सुधरने के बजाय और खराब होती चली गई। इस बीच रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाया गया। लेकिन आइसीयू में भर्ती करने की नौबत आ गई। अंतत: अस्पताल से मरीज को कहीं और ले जाने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया गया। वहां से मरीज को दूसरे निजी हास्पिटल ले गए। जहां 16 मई, 2021 को निधन हो गया। चूंकि सेवा में कमी की गई है, अत: उपभोक्ता फोरम में केस दायर कर इलाज में खर्च की राशि क्षतिपूर्ति बतौर चाही गई है। साथ ही मानसिक पीड़ा व मुकदमे का खर्च भी चाहा गया है। आवदेक ने इलाज में पांच लाख खर्च होने के प्रमाण प्रस्तुत किए हैं। मानसिक पीड़ा के लिए 10 लाख चाहे हैं। मुकदमे का खर्च 25 हजार मांगा गया है। याचिका में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को पक्षकार बनाकर शहर के निजी अस्पतालों में इलाज के नाम पर मनमानी व लापरवाही को कठघरे में रखा गया है। साथ ही ठोस कार्रवाई पर बल दिया गया है।

Posted By: Brajesh Shukla

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