जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। एमएमएस पर पहुंचे बिजली बिल देखकर उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। बिजली बिल में राशि पिछले माह से अधिक देखकर उपभोक्ता चौक रहे हैं। उन्हें रीडिंग गलत होने की शिकायत है। जिस वजह से बड़ी संख्या में बिजली दफ्तरों में उपभोक्ता पहुंच रहे हैं। जून माह में उपभोक्ताओं को बढ़ कर बिल आने से सकते में हैं। इस सब के बीच एमएमएस में राशि देखकर उपभोक्ता इसे समझने के लिए दफ्तर तक दौड़ रहे हैं।

बिजली अफसरों का दावा है कि रीडिंग के आधार पर बिल जारी हो रहे हैं। विजय नगर संभाग में बिजली बिल में कई तरह की खामियां दिखी। त्रिमूर्ति नगर क्षेत्र में कई बिलों में स्पाट मीटर रीडिंग के दौरान कम राशि का बिल जारी हुआ है लेकिन बाद में उपभोक्ता में मोबाइल पर जो एसएमएस पर बिल भेजे गए तो उनकी राशि बढ़ गई। इस संबंध में विजय नगर में शिकायत तक हुई है लेकिन निराकरण नहीं हुआ है। इसी तरह आधारताल संभाग में भी उपभोक्ताओं ने बताया कि उनके घर में अधिक खपत के बिल भेजे गए है जबकि वास्तविक खपत कम थी। हालांकि आधारताल में बिल सुधार के लिए अलग से एक विंडों बनाई गई है।

81 हजार उपभोक्ता को संभालने के लिए केवल 50 नियमित कर्मी

मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के नगर संभाग उत्तर में 81 हजार उपभोक्ता हैं जिनकों संभालने के लिए केवल 50 नियमित कर्मचारी बचे हैं। जबकि आवश्यकता 180 कर्मियों की है। यदि इनकी भर्ती की जाए तो व्यवस्था अच्छी हो सकती है। अभी आउट सोर्स कर्मियों से कार्य कराया जा रा है। जबकि इनको करंट का कार्य करने का अधिकार नहीं है। उत्तर संभाग में ट्रांसफार्मर की संख्या 1082 है। 33 एवं 11 केवी के स्टेशन दस हैं। इनको भी प्राइवेट ठेकेदार के द्वारा संभाल रहे है। यह बात बुधवार को मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी के साथ कार्यपालन यंत्री आरके पटेल के साथ चर्चा के दौरान उठाई गई। संघ के हरेंद्र श्रीवास्तव, मोहन दुबे, राजकुमार सैनी, अजय कश्यप, शशि उपाध्याय ने तकनीकी कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के निराकरण करने पर चर्चा की।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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