जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना की तीसरी लहर के संभावित खतरे को देखते हुए मेडिकल व विक्टोरिया अस्पताल को आक्सीजन के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने की तैयारियों ने जोर पकड़ा है। दोनों अस्पतालों में स्थापित चार आक्सीजन संयंत्रों से फिलहाल लगभग 12 सौ बिस्तर तक आक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। विगत दिवस अधिकारियों ने दोनों अस्पतालों में आक्सीजन संयंत्रों का जायजा लिया। चारों संयंत्रों से आक्सीजन की आपूर्ति दुरुस्त मिली। इधर, विक्टोरिया में एक तथा मेडिकल में तीन और आक्सीजन संयंत्र स्थापित करने की कवायद की जा रही है।

कोरोना की दूसरी लहर में हुई थी आक्सीजन की किल्लत: कोरोना महामारी की दूसरी लहर में आक्सीजन की कमी सामने आई थी। समय से आक्सीजन न मिलने के कारण तमाम मरीजों की मौत का पता चला था। उस दौरान विक्टोरिया व मेडिकल कालेज अस्पताल में आक्सीजन प्लांट लगाने की कवायद शुरू हुई थी। मेडिकल के अधीक्षक डॉ. राजेश तिवारी का कहना है कि वर्तमान में करीब 950 बिस्तर सेंट्रल आक्सीजन सिस्टम से जोड़े जा चुके हैं। तीन नए संयंत्र स्थापित हो जाने के बाद मेडिकल कालेज अस्पताल परिसर स्थित उपचार की समस्त इकाईयां आक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर हो जाएंगी।

कई वार्ड सीधी आपूर्ति से जुड़े:

विक्टोरिया अस्पताल के कई वार्ड सेंट्रल आक्सीजन सिस्टम से जोड़े जा चुके हैं। स्थापित दो संयंत्रों से एक हजार 70 लीटर आक्सीजन प्रति मिनट उत्पादन किया जा रहा है। फिलहाल आक्सीजन का उत्पादन आवश्यकता से ज्यादा है। डायलिसिस यूनिट, पोषण पुनर्वास केंद्र, आपरेशन थिएटर, हड्डी वार्ड, पीआइसीयू में सिलिंडर से आक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। सिविल सर्जन डॉ. आरके चौधरी ने बताया कि जल्द ही सभी वार्ड सेंट्रल आक्सीजन सिस्टम से जोड़े जाएंगे।

फैक्ट फाइल-

-नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कालेज अस्पताल में 10 किलोलीटर क्षमता वाला लिक्विड आक्सीजन प्लांट लगाया गया है।

-मेडिकल के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में 10 किलोलीटर क्षमता वाले लिक्विड प्लांट से आक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है।

-मेडिकल कालेज अस्पताल में 10 किलोलीटर क्षमता के एक और आक्सीजन प्लांट लगाया जा रहा है।

-मेडिकल के स्कूल आफ एक्सीलेंस इन पल्मोनरी मेडिसिन अस्पताल में 13 किलोलीटर क्षमता का आक्सीजन प्लांट लगाया जा रहा है।

-मेडिकल के स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में 15 सौ सिलिंडर क्षमता वाली एयर सेपरेशन यूनिट स्थापित की जा रही है।

-विक्टोरिया अस्पताल में आक्सीजन उत्पादन की दो एयर सेपरेशन यूनिट संचालित है।

-विक्टोरिया अस्पताल में ही लिक्विड आक्सीजन प्लांट लगाने की तैयारी की जा रही है।

-मेडिकल कालेज अस्पताल में छोटे व बड़े मिलाकर 938 आक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध हैं।

-आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए मेडिकल में 206 आक्सीजन कंसंट्रेटर भी खरीदे गए हैं।

Posted By: Brajesh Shukla

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