जबलपुर, नईदुनिया रिपोर्टर। शहर में कोरोना संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। लोग परेशान हैं। इस माहौल के बीच शहर में बने कोरोना कंट्रोल रूम के सदस्य महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है। कंट्रोल रूम पहुंच रही कोरोना मरीजों की लिस्ट में दिए गए फोन नम्बरों पर फोन करके मरीजों की स्थिति की जानकारी लेने से लेकर संक्रमितों के घर पर आवश्यक दवाओं को पहुंचाने की व्यवस्था भी कोरोना कंट्रोल रूम के सदस्य कर रहे हैं।

पूछते हैं हाल : कोरोना संक्रमित अलका वर्मा (परिवर्तित नाम) ने बताया कि जबसे उनकी रिपोर्ट पॉजिटव आई है कोरोना कंट्रोल रूम से दिन में दो बार तो फोन आ ही रहा है। अच्छी बात ये है कि कंट्रोल रूम के सदस्य बड़े ही अच्छे से बात करते हैं। नाम, पता पूछने का बाद क्या- क्या तकलीफ हो रही है ये पूछा जा रहा है। इसके बाद ये भी जानते हैं कि आपके पास दवा है या नहीं। दवा होने पर वहां से पूछा जा रहा है कि कौन- कौन सी दवा ले रहे हैं। इसी तरह राहुल शर्मा (परिवर्तित नाम) ने भी उनकी बीमारी के दौरान कोरोना कंट्रोल रूम की भूमिका को बहुत सराहा है। राहुल ने बताया कि उनके पास दवा नहीं थी। कंट्रोल रूम से फोन आने पर उन्होंने पूछा कि दवा है या नहीं। जब मैंने बताया कि दवा नहीं है तो मेरा पता पूछ कर घर पर आकर दवा देकर गए। दवा के लिफाफे पर सारी जानकारी लिखी हुई थी कि कौन सी दवा कैसे खाना है।

सलाह भी दे रहे: अनामिका दुबे ( परिवर्तित नाम) ने बताया कि जैसे ही मेरी रिपोर्ट पॉजिटिव आई दूसरे दिन ही नगर निगम वालों ने घर पर आकर सेनिटाइजेशन किया। साथ ही कंट्रोल रूम से पूछा गया कि मेरी ऑक्सीजन कितनी है। मैं ऑक्सीजन चेक कर रही हूं या नहीं। उन्होंने बताया कि दिन में 6 बार भाप लेना है। गर्म पानी पीना है। सुबह गर्म पानी का गरारा करना है। सबसे बड़ी बात की रेस्ट करना है। जितना रेस्ट करेंगे उतनी ही जल्दी रिकवरी होगी।

Posted By: Sunil Dahiya

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