रामकृष्‍ण परमहंस पांडेय, जबलपुर। बुखार नहीं फिर भी शरीर कांप रहा है तो यह कोरोना का लक्षण हो सकता है। दरअसल, तीसरी लहर में कोरोना के ऐसे तमाम मरीज सामने आ रहे हैं जिन्हें बुखार के बगैर कंपकंपी छूट रही है। कोरोना के वे मरीज भी कंपकंपी की शिकायत करते हैं, जिन्हें सामान्य बुखार रहता है।

दरअसल, कोरोना की तीसरी लहर में यह शारीरिक लक्षण तेजी से उभरा है। कोरोना की पहली व दूसरी लहर में कंपकंपी वाले लक्षण नहीं पाए गए थे। मेडिकल कालेज अस्पताल के कोविड वार्ड में भर्ती प्राय: सभी मरीज शरीर में कंपकंपी की शिकायत कर रहे हैं। इधर, कोरोना का नया वेरिएंट ओमीक्रोन तेजी से पांव पसार रहा है। जिले में हर दिन सक्रिय मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है।

चिकित्सकों का कहना है कि ओमीक्रोन के सभी मरीज अब तक हल्के लक्षण वाले मिले हैं। जबकि कोरोना का डेल्टा वेरिएंट ज्यादा घातक था। तीसरी लहर में उन्हीं मरीजों को जान का जोखिम उठाना पड़ा, जो पहले से अन्य दूसरी गंभीर बीमारियों की चपेट में थे। चिकित्सक यह भी कहते हैं कि कोरोना का ओमीक्रोन वेरिएंट डेल्टा से कमजोर है, परंतु पूरी तरह कमजोर नहीं। किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है।

केस-1

मेडिकल कालेज अस्पताल के कोविड वार्ड में भर्ती 40 वर्षीय युवक को शुरुआती एक-दो दिन तक हल्का बुखार बना रहा। बुखार से उसे राहत मिल गई परंतु शरीर कंपकंपी दूर नहीं हुई। कोरोना के सामान्य लक्षण होने के कारण स्वजन चाहते थे कि वह होम आइसोलेशन में रहकर उपचार कराए। परंतु शरीर की कंपकंपी से परेशान होकर उसने अस्पताल में भर्ती होने का निर्णय लिया।

केस-2

निजी अस्पताल में भर्ती कोरोना के मरीज की रिपोर्ट चार दिन पहले मिली थी। उस समय उसे हल्की सर्दी थी तथा सूखी खांसी आ रही थी। श्वसन तंत्र बेहतर रहने के कारण आक्सीजन का स्तर 97 फीसद से नीचे नहीं आया। इस बीच मरीज दस्त की चपेट में आया और शरीर में कंपकंपी होने लगी। जिसके बाद शरीर में दर्द होने लगा। अंतत: स्वजन को उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

केस-3

होम आइसोलेशन में उपचाररत तमाम मरीज टेलीमेडिसिन देने वाले चिकित्सकों से शरीर में दर्द व कंपकंपी छूटने की शिकायत करते हैं। चिकित्सक उन्हें समझाइश देते हैं कि कोरोना की तीसरी लहर के यह सामान्य लक्षण हैं। इसलिए भयभीत होने की जरूरत नहीं है। कोरोना कंट्रोल रूम से ऐसे मरीजों की सेहत पर नजर रखी जा रही है। कंपकंपी अथवा अन्य किसी वजह से परेशानी बढ़ने पर उन्हें भर्ती कराया जाता है।

डेल्टा वेरिएंट: कोरोना की पिछली लहर में डेल्टा वेरिएंट ने कहर मचाया था। तब मरीजों में सामान्य से लेकर गंभीर लक्षण सामने आए थे। कोरोना से मृतक संख्या भी ज्यादा रही। डेल्टा वेरिएंट से संक्रमित मरीजों में तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ, लगातार खांसी आना, सीने में दर्द, आक्सीजन स्तर का अचानक गिरना, दस्त जैसे लक्षण सामने आए थे। डेल्टा वेरिएंट में मरीज को 5-6 दिन अथवा इससे भी अधिक समय तक बुखार रहता था। मुंह का स्वाद चला जाता था। सूंघने की क्षमता खत्म हो गई थी।

ओमीक्रोन वेरिएंट: सामान्य सर्दी व खांसी, कुछ दिनों तक हल्का बुखार, बदन दर्द, दस्त, कंपकंपी, थकान महसूस होना, सिर दर्द, पेट दर्द, कमर में दर्द, पसीना आना जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। इसमें सबसे खास लक्षण उभरकर सामने आ रहा है शरीर में कंपकंपी होना। ओमीक्रोन वेरिएंट में कुछ मरीजों को 1-2 दिन के लिए हल्का बुखार आया। इस वेरिएंट में आक्सीजन स्तर गिरने की समस्या से मरीज अब तक बचे हैं। तीसरी लहर में कोरोना के कारण सांस फूलने की शिकायत किसी मरीज ने नहीं की। मुंह का स्वाद व सूंघने की क्षमता प्रभावित नहीं हुई।

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कोरोना की तीसरी लहर में सामान्य शारीरिक लक्षण सामने आए हैं। शरीर में कंपकंपी के साथ सिर दर्द, बदन दर्द, सामान्य सर्दी खांसी, दस्त जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। राहत की बात यह है कि कोरोना का नया वेरिएंट श्वसन तंत्र पर प्रहार नहीं कर रहा है। उनका आक्सीजन लेवल भी नहीं गिर रहा। गंभीर लक्षणों को रोकने में कोरोना की वैक्सीन ने काफी मदद की है।

डा. जितेंद्र भार्गव, डायरेक्टर

स्कूल आफ एक्सीलेंस इन पल्मोनरी मेडिसिन

मेडिकल कालेज

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मेडिकल के कोविड वार्ड में भर्ती प्राय: सभी मरीज शरीर में कंपकंपी की शिकायत कर रहे हैं। कोरोना की पहली व दूसरी लहर से हटकर यह लक्षण देखे जा रहे हैं। कोरोना का ओमीक्रान वेरिएंट कमजोर है, पर बिल्कुल कमजोर नहीं है। पहले से गंभीर रोगों से पीडि़त मरीजों के लिए कोरोना की तीसरी लहर खतरा बन रही है।

डा. संजय भारती, नोडल अधिकारी

कोविड-19 मेडिकल कालेज अस्पताल

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होम आइसोलेशन में उपचार करवा रहे कोरोना संक्रमित मरीजों की सेहत पर लगातार नजर रखी जाती है। मरीजों से चिकित्सक रोजाना दो बार बात करते हैं। शारीरिक लक्षण के आधार पर उन्हें उपचार संबंधी सलाह दी जाती है। कोरोना के करीब 27 सौ मरीज होम आइसोलेशन में उपचाररत हैं। तमाम मरीज बुखार न होने अथवा हल्के बुखार में कंपकंपी की शिकायत करते हैं।

डा. अमजद खान, प्रभारी

होम आइसोलेशन कोविड-19

Posted By: Ravindra Suhane

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