Coronavirus Jabalpur News : जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना से पीड़ित एक-दो नहीं बल्कि 96 मरीजों ने घर बैठे वायरस के संक्रमण को हरा दिया। शासन द्वारा जारी कोविड-19 की होम आइसोलेशन की गाइड लाइन के तहत पखवाड़े भर में कोरोना संक्रमित 148 मरीज होम आइसोलेशन में रखे गए।

इनमें सिर्फ पांच मरीज ऐसे रहे जिन्हें बुखार अथवा सांस लेने में तकलीफ के कारण होम आइसोलेशन से अस्पताल भेजना पड़ा। होम आइसोलेशन में रहने वाले बाकी 47 मरीजों का हौसला बढ़ाने के लिए कलेक्टर भरत यादव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रत्नेश कुरारिया वीडियो कॉलिंग के माध्यम से उनसे बातचीत करते हैं। होम आइसोलेशन वाले मरीजों की सेहत की निगरानी विक्टोरिया अस्पताल में पदस्थ डॉ. अमजद खान को सौंपी गई है।

यह है गाइड लाइन

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कुरारिया ने बताया कि 65 साल से कम उम्र का कोरोना संक्रमित मरीज जिसे पूर्व से कोई गंभीर बीमारी न हो उसे होम आइसोलेशन की अनुमति दी जाती है। ऐसे मरीजों को नॉन कांटेक्ट थर्मामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर स्वयं खरीदना पड़ता है। घर पर पृथक कमरा व अलग से शौचालय की सुविधा हो। होम आइसोलेशन वाले मरीजों से चिकित्सक वीडियो कॉलिंग पर बातचीत करते हैं। बातचीत के दौरान चिकित्सक मरीज के शरीर का तापमान व ब्लड में ऑक्सीजन की मात्रा पर ऑनलाइन नजर रखते हैं। ऑक्सीजन की मात्रा व तापमान निर्धारित पैरामीटर से ज्यादा होने पर मरीज को उपचार संबंधी सलाह दी जाती है। आवश्यक होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जाता है।

आंखों के सामने परिवार, ओझल हुआ कोरोना

होम आइसोलेशन में रहकर कोरोना से जंग जीतने वालों ने बातचीत के दौरान अनुभव साझा किए। गोहलपुर क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने कहा कि पूरा परिवार उनकी आंखों के सामने था और देखते ही देखते कोरोना ओझल हो गया। 10 दिन तक वे कमरे से बाहर नहीं निकले। कमरे की खिड़की से स्वजन से बातें करते रहते थे। स्वजन ने उनकी सेहत का भरपूर ख्याल रखा और डॉक्टर भी वीडियो कॉलिंग के जरिए नियमित रूप से सेहत की जानकारी लेते रहे। शास्त्री नगर निवासी युवक ने कहा कि कोरोना संक्रमण की बात सुनते ही स्वजन भयभीत हो गए थे। जिसके बाद उन्होंने होम आइसोलेशन में रहने का निर्णय लिया।

चिकित्सक ने होम आइसोलेशन के लिए शासन द्वारा निर्धारित गाइड लाइन की जानकारी दी। घर पर रहकर कोरोना को हराने की कोशिश में उनकी दिनचर्या भी बेहतर हुई। पहले सुबह नौ बजे सोकर उठते थे, अब पांच बजे ही नींद खुल जाती है। सेहत भी पहले से बेहतर हुई। दमोहनाका निवासी 35 वर्षीय युवक ने बताया कि वे पिछले सात दिन से होम आइसोलेशन में हैं। घर पर रहकर बीमारी का पता ही नहीं चला। सेहत दुरुस्त रखने के लिए पौष्टिक आहार लेने के साथ योग व्यायाम कर रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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