जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने हाई कोर्ट के आदेशानुसार रेलवे स्टेशनों व ट्रेनों में खराब खाद्य सामग्री के विक्रय पर ठोस अंकुश सुनिश्चित करने पर बल दिया है।

प्रांताध्यक्ष डा.पीजी नाजपांडे ने बताया कि खराब खान-पान की शिकायत संबंधी जनहित याचिका का हाई कोर्ट ने इस निर्देश के साथ पटाक्षेप किया था कि जनहित याचिकाकर्ता इस संबंध में रेलवे की कार्रवाई का इंतजार करें। इससे साफ होता है कि रेलवे को हाई कोर्ट के निर्देश का पालन करना चाहिए। एक माह बीतने के बाद भी रेलवे की ओर से हाई कोर्ट की मंशा के परिपालन में सटीक कदम न उठाया जाना चिंताजनक है। यह रवैया अवमाननाकारक है।

सातवां वेतनमान दिया, पर एरियर्स नहीं

जबलपुर। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के शिक्षक के लेकर प्राध्यापक और विज्ञानिक इस दिनों प्रदेश सरकार से नाराज हैं। उनकी नाराजगी की वजह सातवें वेतनमान का एरियर्स न मिलना है। परिषद के अध्यक्ष डा.एसके पांडे ने बताया कि प्रदेश सरकार ने हमें सातवां वेतनमान दिया। हमें एक जनवरी 2022 पुनरीक्षित वेतनमान का भुगतान किया जा रहा है, लेकिन एक जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2021 तक का एरियर्स की राशि के भुगतान अभी तक नहीं किया गया।

इस संबंध में प्रदेश सरकार ने कोई आदेश जारी नहीं किए। वहीं मध्यप्रदेश के अन्य सभी विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में एरियर्स का भुगतान किया जा चुका है। सरकार का यह दोहरा मापदण्ड सिर्फ कृषि विज्ञानिकों और शिक्षकों के साथ ही है। मध्यप्रदेश सरकार एवं विश्वविद्यालय के अधिकारियों के इस रवैया से कृषि विज्ञानिकों में असंतोष है।

इसको लेकर केन्द्रीय प्राध्यापक, विज्ञानिक परिषद के पदाधिकारियों द्वारा बैठक की गई। इस दौरान आगामी समय में एरियर्स पाने के लिए रणनीति बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान परिषद् के महासचिव डा. अभिषेक शुक्ला, डा. केके अग्रवाल, डा. बीके तिवारी, डा. एके राय, डा. एमएल केवट, डा. आरके बाजपेयी, डा. शेखर सिंह बघेल, डा. अमित शर्मा की उपस्थिति रहे।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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