जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि । रेलवे स्टेशन में ट्रेनों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। कोविड काल में बंद हुई ट्रेनों का संचालन फिर शुरू कर दिया गया है। अकले जबलपुर रेलवे स्टेशन से वर्तमान में 39 ट्रेनों को शुरू कर दिया गया है। ट्रेन बढ़ने के साथ स्टेशन पर यात्रियों की मौजूदगी भी बढ़ गई है, लेकिन स्टेशन में अभी भी कई ऐसी व्यवस्थाएं शुरू नहीं की गई हैं, जो कोविड काल के दौरान बंद की गई थीं। इनमें सफाई व्यवस्था भी शामिल है।

मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म से लेकर पटरियों, स्टाल, वेटिंग हाल और सर्कुलेशन एरिया की सफाई व्यवस्था इन दिनों पटरी से उतर गई है। स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार और इसके आसपास पड़ी गंदगी हो या फिर पटरियों में फैला खाने-पीने का सामान। प्लेटफार्म पर रखी डस्टबिन हो या फिर वेटिंगरूम के बाथरूम। यहां पर सफाई व्यवस्था पटरी से उतरी दिख जाएगी।

यह हालत उस स्टेशन की है जिसे हाल ही में 30 करोड़ से सुंदर और सुविधाजनक बनाया गया है। इसके साथ ही अभी 500 करोड़ खर्च कर और सुविधाजनक बनाने की तैयारियों में रेलवे जुटा है। जबलपुर रेल मंडल ने जबलपुर स्टेशन का ठेका भोपाल की एस्सा इंफोटेक को दिया है जिस पर अभी तक लगभग तीन लाख का जुर्माना लगाया जा चुका है।

मध्यप्रदेश का सबसे साफ स्टेशन, अब गंदा

कोरोना काल के पूर्व केंद्र सरकार की ओर से रेलवे स्टेशनों को स्वच्छता सर्वेक्षण कराया गया था। इसमें मध्यप्रदेश का सबसे साफ स्टेशन का दर्जा जबलपुर स्टेशन को मिला, लेकिन वर्तमान में यहां पर सफाई व्यवस्था बिगड़ी हुई है। रेलवे से जुड़े जानकार बताते हैं कि इसकी मुख्य वजह रेलवे की नई व्यवस्था और ट्रेन व यात्रियों की संख्या बढ़ना है। दरअसल, नई सफाई व्यवस्था के तहत रेलवे ने सफाई कर्मचारियों के मुताबिक भुगतान करना बंद कर अब सिर्फ सफाई के हिसाब से भुगतान करना श्ाुरू किया है। रेलवे ने मशीनों की मदद से सफाई बढ़ाने पर जोर दिया है, लेकिन इसका असर अभी नहीं दिख रहा है।

यहां है ज्यादा गंदगी

1. प्लेटफार्म छह की ओर

- सर्कूलेशन एरिया: यहां आस-पास अवैध स्टाल, सार्वजनिक वाहन, आटो से गंदगी फैल रही है।

- मुख्य प्रवेशद्वार: यहां पर सबसे ज्यादा यात्री आते-जाते हैं, उस मुताबिक सफाई नहीं होती।

- प्लेटफार्म: यहां पर प्लेटफार्म साफ है, पर स्टाल, सीढ़ियां और वेटिंग रूम के बाथरूम गंदे हैं।

- जुर्माना: यहां पर गंदगी करने वालों के लिए न तो कोई सूचना है और न ही हर दिन इन पर कार्रवाई होती है।

2. प्लेटफार्म एक की ओर

- सर्कुलेशन एरिया: पार्किंग एरिया, स्टेशन के बाहर, आरपीएफ थाना और पार्सल कक्ष के बाहर गंदगी।

- मुख्य प्रवेशद्वार: दोनों के आसपास गंदगी है। सफाई दिन में एक या दो बाहर ही होती है।

- टिकट घर: यहां पर खड़े यात्रियों द्वारा सबसे ज्यादा गंदगी की जाती है।

- पटरियां: प्लेटफार्म की गंदगी और पटरियों को साफ करने की कोई बेहतर व्यवस्था नहीं।

कदम उठाए गए, जुर्माना भी लगाया

जबलपुर रेल मंडल के कमर्शियल विभाग ने जबलपुर समेत सभी रेलवे स्टेशन की सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को लगाया है। जो वाट्सएप पर समय-समय पर तस्वीर के माध्यम से सफाई व्यवस्था की निगरानी रखते हैं। इसके साथ ही सफाई करने वाले ठेकेदार द्वारा लापरवाही करने पर जुर्माना लगाया जा रहा है।

इनका कहना-

मुख्य रेलवे स्टेशन की सफाई व्यवस्था कोविड काल के दौरान चलने वाली ट्रेनों के हिसाब से की गई थी। अब ट्रेनों की संख्या बढ़ गई है, इसलिए हमने मंडल को पत्र लिखकर 60 की बजाए 90 सफाई कर्मचारियों की मांग की है। सफाई व्यवस्था सुधारने के हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं।

-शशांक रायचंदानी, डायरेक्टर, एस्सा इंफोटेक

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