जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बीमा कंपनियों से क्षतिपूर्ति राशि दिलवाने आगे आया है। इससे पक्षकारों को राहत मिल रही है। नवीन संशोधित नियम के बाद से वकीलों की अपेक्षा प्राधिकरण की जिम्मेदारी बढ़ गई है। इसी वजह से प्राधिकरण ने विवादों को हल करने विशेष अभिरुचि प्रदर्शित करने का तरीका अपनाया है। इसके बेहतर नतीजे सामने आने लगे हैं। पक्षकार अपने मामलों में लंबे समय तक इंतजार के चक्रव्यूह में फंसने से बचने की आशा लगाए हुए हैं। उन्हें आशा है कि अब इंसाफ अपेक्षाकृत द्रुतगति से मिला करेगा। प्राधिकरण ने इस दिशा में जोरदार प्रयास शुरू कर दिए हैं।

माना जा रहा है कि इसके अनुकूल परिणाम देखने को मिलते रहेंगे। इससे पक्षकारों को पुरानी समस्या से निजात मिल जाएगी ।उनका हक समय रहते मिलेगा। इससे वे इलाज करा सकेंगे। विगत दिनों जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने दिव्यांग को 24 लाख 50 हजार की सहायता राशि दिलवाई। इससे जबलपुर ने दिव्यांग विकास ताम्रकार को राहत मिली है। जिला विधिक सहायता अधिकारी मुहम्मद जीलानी बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम की धारा-22 के अंतर्गत दो इंश्योरेंस कंपनियों आदित्य बिड़ला व एचडीएफसी कंपनी के विरूद्ध बीमा प्राप्त करने दावा प्रस्तुत किया था।

लोकोपयोगी लोक अदालत द्वारा आवेदक विकास ताम्रकार को एचडीएचफी कंपनी से 10 लाख 74 हजार व आदित्य बिड़ला कंपनी से 13 लाख 75 हजार की बीमा राशि उक्त दिलवाई गई। लोकोपयोगी सेवाओं की लोक अदालत के अध्यक्ष जिला न्यायाधीश उमाषंकर अग्रवाल, मुख्य स्वास्थ्य व चिकित्सा अधिकारी रत्नेश कुरारिया व लोक निर्माण विभाग के अधिकारी गोपाल गुप्ता ने राहत दिलवाई। विकास ताम्रकार ने दोनों बीमा कंपनियों से दुर्घटना बीमा करवाया था। बीमा अवधि के दौरान वह अपनी छत से गिर गया था, जिससे उसके पैर में चोट आई थी। इलाज के दौरान उसका पैर काटना पड़ा और वह स्थायी रूप से दिव्यांग हो गया।उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में इसी तरह राहत मिलती रहेगी।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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