जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि । संभागायुक्त कोर्ट ने जबलपुर के जिला पंचायत सीईओ के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें मूल्यांकन बिना ही सरपंच व सचिव के खिलाफ रिकवरी निकाल दी गई थी। संभाग आयुक्त बी चंद्रशेखर के न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि महज इस आधार पर संपूर्ण राशि वसूली योग्य नहीं कही जा सकती कि निर्माण गुणवत्ता पूर्ण नहीं है।

कोर्ट ने यह कहते हुए मामला पुन: अधीनस्थ कोर्ट भेजा कि पहले सीसी रोड का तकनीकी सक्षम अधिकारी से मूल्यांकन कराएं और उसके बाद उचित आदेश पारित करें। ग्राम पंचायत कापा के सरपंच अमित कुमार साहू की ओर से अधिवक्ता सुशील मिश्रा ने बताया कि जिला पंचायत सीईओ ने गुणवत्ता पूर्ण कार्य नहीं कराने का हवाला देते हुए एक लाख 60 हजार रुपये की रिकवरी निकाल दी, जबकि कार्य के लिए कुल एक लाख 90 हजार रुपये ही स्वीकृत हुए थे। उन्होंने दलील दी कि चूंकि निर्माण कराया गया था, इसलिए उस काम का मूल्यांकन के आधार पर ही वसूली की कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि आवेदक ने कार्य में सुधार करने कुछ मोहलत देने की मांग की थी, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। संभागायुक्त कोर्ट ने तर्क को मान्य करते हुए उक्त आदेश पारित किया।

हत्या करने वाले को आजीवन कारावास

जबलपुर । सत्र न्यायाधीश नवीन कुमार सक्सेना की अदालत ने हत्या के आरोपित रांझी, जबलपुर निवासी प्रहलाद ठाकुर का दोष सिद्ध पाकर आजीवन कारावास की सजा सुना दी। साथ ही जुर्माना भी लगाया। मध्य प्रदेश अपराध पीड़ित प्रतिकर अधिनियम के तहत मृतक के परिजनों को राशि प्रदान करने की व्यवस्था दी गई है। अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक अशोक पटेल ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि 24 नवंबर, 2019 को रात में हीरा उर्फ प्रशांत ठाकुर आरोपित के घर के सामने घूम रहा था। तभी आरोपित ने उसे पकड़ा और घर के भीतर ले गया। वहां लाठी आदि से जमकर पीटा। संघातिक चोटों की वजह से हीरा लहुलुहान हो गया। उसके भाइयों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। जहां अगले दिन उसकी मौत हो गई। इसी के साथ आरोपित के खिलाफ रांझी थाने में हत्या सहित अन्य धाराओं के तहत अपराध कायम किया गया। अदालत ने दोष सिद्ध पाकर सजा सुना दी।

Posted By: tarunendra chauhan

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