अतुल शुक्ला, जबलपुर। रेलवे ब्रिज और पटरियों में खामी पर पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) ड्रोन से बारीक नजर रख रहा है। ड्रोन से लिए गए फोटो से खामियां पता चल रही हैं। जबलपुर रेल मंडल की सीमा में आने वाले लगभग तीन सौ छोटे-बड़े रेल ब्रिज की देखरेख से लेकर नई रेल लाइन और दूसरी व तीसरी रेल लाइन बिछाने के काम की तस्वीर भी ड्रोन से ली जा रही हैं। इसके जरिये इंजीनियर इन पर नजर रखे हुए हैं। यह काम भोपाल और कोटा रेल मंडल भी कर रहा है।

ड्रोन की मदद 2018 से ली जा रही है, लेकिन उस समय यह करीब 400-600 फीट ऊंचाई से दो से ढाई किमी के दायरे की तस्वीर लेता था। कोरोनाकाल में इसका बेहतर उपयोग किया गया। अब ड्रोन को अपग्रेड किया गया है। यह 1300 फीट ऊंचाई तक उड़ सकता है और करीब चार किमी दायरे की तस्वीर ले सकता है। इसकी बैटरी को भी अपडेट किया गया है। पहले यह 20 से 25 मिनट की समयावधि तक ही उड़ सकता था। अब यह करीब 30 से 40 मिनट तक उड़ सकता है।

ट्रेनों और दुर्घटना पर नजर : ड्रोन की मदद से कोरोना काल के दौरान पमरे ने आक्सीजन एक्सप्रेस पर नजर रखी वहीं जोन में हुईं रेल दुर्घटनाओं के दौरान वहां की भौगोलिक स्थिति का भी पता इन ड्रोन से लिए गए तस्वीरों से लगाया।

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पमरे के तीनों मंडल में तीन ड्रोन हैं, जिनकी मदद से रेलवे ब्रिज का निरीक्षण करने से लेकर रेल लाइन बिछाने की परियोजनाओं की स्थिति जानने और ट्रेनों पर नजर रखने का काम हो रहा है। अभी तक सभी बड़े प्रोजेक्ट के काम के दौरान इन ड्रोन से तस्वीर लेकर जानकारी ली गई है।

- राहुल जयपुरिया, सीपीआरओ, पमरे

Posted By: Brajesh Shukla

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