जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। रानी दुर्गावती चिकित्सालय एल्गिन में गर्भवती महिलाएं अव्यवस्था का शिकार हो रही हैं। प्रदेश की दूसरी सबसे बड़ी शिशु एवं मातृत्व कल्याण इकाई का दर्जा प्राप्त इस अस्पताल में उन्हें सोनोग्राफी जांच कराने के लिए लंबी जद्दोजहद करनी पड़ती है। कतार में खड़े-खड़े दर्द जब असहनीय हो जाता है तो सोनोग्राफी कक्ष के बाहर अथवा भीतर फर्श पर बैठ जाती हैं। गर्भवती महिलाओं की जांच कराने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को भी परेशान होना पड़ता है। दरअसल, गर्भवती महिला के प्रसव से लेकर टीकाकरण तक की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है। तमाम अव्यवस्थाओं के बावजूद एल्गिन में रोजाना 40-50 महिलाओं की सोनोग्राफी जांच की जाती है।

आशा कार्यकर्ता का दर्द, सर अपने समय पर ही हैं-

एक आशा कार्यकर्ता ने बताया कि कुछ भी हो जाए, परंतु सोनोग्राफी करने वाले सर, अपने समय पर ही आते हैं। दोपहर 12 बजे के बाद वे सोनोग्राफी कक्ष में पहुंचते हैं, जिसके बाद कुछ महिलाओं की जांच कर निकल जाते हैं। उनसे पूर्व एक मैडम सोनोग्राफी करने आती हैं। वे भी 10-11 बजे सोनोग्राफी कक्ष में पहुंचती हैं और कुछ देर बाद निकल जाती हैं। अस्पताल के चिकित्सक कुछ महिलाओं को अर्जेंट में सोनोग्राफी की सलाह देते हैं। उन महिलाओं को भी कतार में खड़े रहना पड़ता है। सोनोग्राफी कक्ष में खड़े होने अथवा बैठने की पर्याप्त जगह नहीं है।

यह है समाधान-

-एल्गिन अस्पताल के सोनोग्राफी कक्ष में टोकन सिस्टम लागू किया जाए।

-वार्ड में भर्ती महिलाओं के लिए बेड साइड सोनोग्राफी की सुविधा प्रारंभ की जाए।

-सोनोग्राफी कक्ष के बाहर 30 से ज्यादा महिलाओं के बैठने का इंतजाम किया जाए।

-सोनोग्राफी जांच सुबह जल्दी शुरू की जाए ताकि महिलाओं को घंटों प्रतीक्षा न करनी पड़े।

दो घंटे बाद हो पाई जांच-

सुबह 9.30 बजे सोनोग्राफी कराने पहुंची थी। परंतु जांच दो घंटे बाद 11.45 बजे हो पाई। सोनोग्राफी कक्ष में मशीनों की संख्या बढ़ाई जाए। टोकन सिस्टम शुरू किया जाए। ताकी मरीजों को उनके क्रम का पता रहे। साथ ही जांच कक्ष में महिलाओं के बैठने की पुख्ता व्यवस्था की जाए। ताकि गर्भवती महिलाओं को कतार में न खड़े रहना पड़े।-पूजा रैकवार, मरीज

प्रसव उपरांत मिली रिपोर्ट-

एल्गिन में भर्ती कर मेरा उपचार किया जा रहा है। डाक्टर ने कहा कि गर्भस्थ शिशु की नब्ज धीमी चल रही है। बिना देर किए सोनोग्राफी जांच कराने के लिए कहा। आशा कार्यकर्ता सोनोग्राफी कक्ष तक ले गई। जांच में काफी समय लगा। जांच उपरांत आशा कार्यकर्ता वार्ड में ले जा रहीं थीं। वार्ड में पहुंचते-पहुंचते प्रसव हो गया। सोनोग्राफी की रिपोर्ट प्रसव उपरांत मिली।-शबनम बानो, मरीज

दो मशीनों का हो इंतजाम-

अस्पताल में मरीजों की भीड़ रहती है। इसलिए सोनोग्राफी जांच के लिए कम से कम दो मशीनों का इंतजाम होना चाहिए। भर्ती महिलाओं को वार्ड में ही सोनोग्राफी की सुविधा प्रदान की जाए। सोनोग्राफी जांच ओपीडी खुलने के साथ शुरू हो जानी चाहिए। जांच विलंब से शुरू हो पाता है। जिसके कारण महिलाओं को काफी देर तक कतार में खड़े रहना पड़ता है।-नीलम अहिरवार, मरीज

सुबह से शुरू होनी चाहिए जांच-

एल्गिन अस्पताल में सोनोग्राफी जांच की सुविधा सुबह जल्दी प्रारंभ होनी चाहिए। सुबह ओपीडी खुलने के बाद से शाम चार बजे तक यह सुविधा महिलाओं को दी जानी चाहिए। वर्तमान में यह व्यवस्था न होने के कारण गर्भवती महिलाओं को परेशान होना पड़ता है। हालांकि अस्पताल में प्रसव संबंधी अन्य व्यवस्थाओं का लाभ गर्भवती महिलाओं को मिल रहा है।-तबस्सुम, मरीज

बनाई जाएगी कार्ययोजना

एल्गिन अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की जांच, उपचार व प्रसव कार्य के बेहतर प्रबंध किए गए हैं। सोनोग्राफी जांच के लिए उन्हें परेशान न होना पड़े, इसके लिए आवश्यक कार्ययोजना बनाई जाएगी।-डा. संजय मिश्रा, क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, जबलपुर संभाग

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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