जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शहर मुख्यालय से डुमना एयरपोर्ट तक फोरलेन सड़क बनना बेहद जरूरी है। शासन—प्रशासन इस दिशा में काम भी कर रहा है, लेकिन कुछ लोग जबलपुर के औद्योगिक विकास की राह में बाधा बन रहे हैं। जबकि डुमना क्षेत्र के विकास के लिए अप्रैल 2021 से 'गोल्डन टाइम' शुरू हो रहा है। शासन—प्रशासन की विभिन्न विकास योजनाओं के तहत डुमना क्षेत्र में हजारों करोड़ का निवेश किया जाएगा। डुमना में नए—नए संस्थानों, उद्योगों की स्थापना से क्षेत्र का औद्योगिक विकास होगा और जिले की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। यह मानना है जिले के उद्योगपतियों का।

उद्योगपति बताते हैं कि शहर के डुमना एयरपोर्ट के पास स्थित डुमना, ककरतला, उमरिया, गधेरी, चकदेही, चंडीटोला आदि में पर्याप्त शासकीय जमीन उपलब्ध है, जिससे इस क्षेत्र में विकास की प्रबल संभावनाएं हैं। यह क्षेत्र खमरिया राष्ट्रीय राजमार्ग—45 से 5 और बरेला राष्ट्रीय राजमार्ग—30 से 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। डुमना एयरपोर्ट की फोरलेन सड़क को सीधे जोड़ने वाली डुमना से खमरिया, बरेला, उमरिया—पिपरिया की नई सड़कें बन जाएं, तो इस क्षेत्र का और तेज गति से विकास होगा। केंद्र व राज्य शासन किसी भी जगह विकासकार्य करने से पहले उसकी योजना बनाकर विभिन्न स्तरों पर अनुमति लेता है। शासन—प्रशासन की देखरेख में किसी क्षेत्र में विभिन्न मानकों का पालन करके ही विकासकार्य कराए जाते हैं। यह कार्य होने से पहले व बाद में पर्यावरण संतुलन बनाने की जवाबदारी शासन—प्रशासन की होती है।

421 करोड़ से विस्तार कार्य जारी: डुमना एयरपोर्ट में 421 करोड़ की लागत से विभिन्न विस्तार कार्य जारी हैं। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया एएआइ की योजना अनुसार यहां बड़े विमानों व एक समय में एक हजार यात्रियों की आवाजाही को लेकर रनवे का एक्सटेंशन, नई टर्मिनल बिल्डिंग, एटीसी टावर, एप्रन, फायर स्टेशन, टैक्सी—वे, बाउंड्रीवाल बनाई जा रही है। वर्ष—2021 में यह सभी काम पूरे हो जाएंगे। तब डुमना से नई उड़ानों व एयरबस—320 का संचालन शुरू होगा और यहां दिन—रात विमानों, यात्रियों की आवाजाही होगी।

नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी व स्टेट जूडिशियल एकेडमी: डुमना एयरपोर्ट रोड से करीब 2 किलोमीटर की दूर स्थित 125 एकड़ जमीन पर 338 करोड़ की लागत से धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी और 50 एकड़ क्षेत्र में 284 करोड़ की लागत से स्टेट जूडिशियल एकेडमी बनना है। लोक निर्माण विभाग जल्द ही इन निर्माण कार्यों की निविदा जारी करेगा।

यहां लगेंगे उद्योग: जिला प्रशासन ने जबलपुर आइटी पार्क फेज—2 में 250 निवेशकों को उद्योग लगाने ग्राम गधेरी की 20 एकड़ जमीन आरक्षित की है, जहां बाउंड्रीवाल बनाने का काम जारी है। साथ ही जबलपुर रेडीमेड गारमेंट क्लस्टर फेज—2 में उद्योगों की स्थापना के लिए ग्राम चकदेही में 20 एकड़ जमीन आरक्षित की गई है। साथ ही एक सौ एकड़ क्षेत्र में इंडस्ट्रियल एरिया बनाने के प्रयास चल रहे हैं।

वर्जन...

डुमना फोरलेन सड़क निर्माण से पर्यावरण को नुकसान नहीं बल्कि क्षेत्र का औद्योगिक विकास होगा। यह सुंदर व व्यवस्थित सड़क बाहरी लोगों को जबलपुर में बड़ा निवेश करने आकर्षित भी करेगी। जल्द ही यहां नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, स्टेट जूडिशियल एकेडमी और आइटी पार्क, रेडीमेड गारमेंट क्लस्टर भी बनेगा। तो यहां एक सौ एकड़ जमीन पर औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित होगा।

— हिमांशु खरे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, जबलपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स

डुमना एयरपोर्ट से रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय तक सुव्यवस्थित फोरलेन सड़क देश—विदेश के उद्योगपतियों को जबलपुर में पूंजीनिवेश करने प्रेरित करेगी। किसी भी क्षेत्र में सड़क बनेगी तो पेड़ काटे जाएंगे। शासन के निर्धारित मानकों के अनुसार कंपनी एक के बदले 10 पेड़ लगाती है। विकासकार्य कराने और पर्यावरण संतुलित बनाने की जवाबदारी शासन—प्रशासन की ही होती है।

— डीआर जेसवानी, कार्यकारी अध्यक्ष, महाकोशल महाकोशल उद्योग संघ

Posted By: Ravindra Suhane

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