जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। रानी दुर्गावती मित्रमंडल द्वारा स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन गुलौआ चौक पर ही निर्मित अस्थाई कुंड में किया गया। शहर में पहली बार ऐसा हुआ जब भगवती की उपासना करने के बाद समिति सदस्यों ने क्षेत्र में ही एक स्थान में कुंड बनाकर मूर्ति को भक्ति भाव के साथ विदाई देकर विसर्जित किया।

समिति सदस्यों ने बताया कि प्रतिमाओं के विसर्जन से मां नर्मदा में बढ़ रहे प्रदूषण को देखते हुए प्रशासन ने नर्मदा में प्रतिमा विसर्जन पर प्रतिबंध लगा दिया है। पिछले कुछ वर्षों से प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए ग्वारीघाट और तिलवारा घाट में कुंड बना दिए गए हैं। प्रशासन इन्ही कुंड में प्रतिमाओं का विसर्जन करवा रही है। वहीं इस बार कोरोना गाइड लाइन को देखते हुए प्रतिमा विसर्जन के दौरान निकलने वाले जुलूस पर भी प्रतिबंध रहा।

प्रशासन के आदेश और कोरोना गाइड लाइन के नियमों को देखते हुए इस बार रानी दुर्गावती मित्रमंडल समिति गुलौआ चौक ने शहर में नई शुरुआत की। जिसमें गुलौआ चौक में ही एक अस्थाई कुंड का निर्माण किया गया जिसमें समिति और क्षेत्रीय लोगों ने भगवती की प्रतिमा का विसर्जन पूरी किया। दरअसल गुलौआ चौक में मां भगवती की कोरोना मर्दन वाली प्रतिमा स्थापित की गई थी। साथ ही इसी से संबंधित झांकी का निर्माण भी किया गया था। कोरोना गाइड लाइन का पूरा पालन करते हुए विसर्जन के लिए जुलूस न निकालकर चौक पर ही कुंड का निर्माण कर विसर्जन किया गया। सदस्यों ने बताया कि इस पहल को लेकर पहले कुछ परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। समिति ने गुलौआ चौक में कुंड निर्माण कर प्रतिमा विसर्जन का निर्णय लिया तो पुलिस प्रशासन ने आपत्ति की, लेकिन जब उन्हें पूरी जानकारी दी गई, तो फिर जिला प्रशासन ने पूरा सहयोग करते हुए इस नई शुरुआत के लिए अनुमति भी दी।

Posted By: Ravindra Suhane

NaiDunia Local
NaiDunia Local