जबलपुर (नईदुनिया रिपोर्टर)। जय मां काली उत्सव समिति, मानस भवन, राइट टाउन का दुर्गोत्सव इस बार खास रहा। कोविड-19 के समय में दुर्गोत्सव समिति के सदस्यों ने पंडाल में मां काली की स्थापना समिति सदस्य भूरा भाई (एक डॉग) की स्मृति में की। मां की प्रतिमा के साथ ही भूरा भाई की फोटो भी पंडाल परिसर में लगाई गई। समिति के सदस्य कमलेश शर्मा व सोनू सोनकर ने बताया कि यह डॉग उन लोगों ने वर्ष 2007 में पाला था। तब से अभी तक के इन 13 वर्षों में डॉग भूरा समिति के सदस्य की ही तरह रहा। अगस्त, 2019 को पंडाल स्थल के सामने ही सड़क दुर्घटना में भूरा की मौत हो गई। यही वजह है कि इस बार का दुर्गोत्सव भूरा की स्मृति में मनाया जा रहा है। इस तरह हम सड़क पर घूमने वाले मूक श्वानों के संरक्षण का भी संदेश देना चाहते हैं। जिन्हें लोग निर्दयिता से अपने वाहनों के नीचे कुचल देते हैं।

समिति सदस्य कमलेश शर्मा ने बताया कि भूरा इन 13 सालों में मां की प्रतिमा लेने जाने से लेकर विसर्जन तक साथ में रहता था। रात में भी पंडाल में सभी लोग अगर सो भी जाते तो भूरा पूरी रात जागकर पंडाल की देखरेख करता था। भूरा डॉग जरूर था लेकिन उसने कभी मांस वगैरह नहीं खाया। वह दूध और ब्रेड ही खाता था। सबसे बड़ी बात की भूरा की मौत भी पंडाल के स्थान के सामने वाली सड़क पर ही हुई। वो बस बोल नहीं पाता था,बाकी वो हम लोगों के साथ किसी अन्य सदस्य की ही तरह एक्टिव रहता था। उसके जाने से इस बार हम सभी को उसकी कमी बहुत खल रही है। इसलिए भूरा की याद में उसकी फोटो के साथ एक पोस्टर हमने पंडाल स्थल पर रखा। पूरे उत्सव के दौरान हमें यह महसूस होता रहा कि भूरा हमारे साथ ही है।

Posted By: Ravindra Suhane

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