जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी, अरब सागर में बने कम दबाव के साथ ही मध्यप्रदेश के ऊपर बने चक्रवात के असर से रविवार को मौसम का मिजाज बदला रहा। सुबह निकली धूप के बाद दिन भर बादल छाए रहे। दोपहर करीब तीन बजे इतनी तेज गर्जना हुई कि एक बारगी लोग दहल से गए। लेकिन बादल गरजे ज्यादा, बरसे कम। चंद बूंदाबादी के बाद मौसम साफ हो गया। हालांकि शाम को एक बार फिर बादलों ने जोर मारा और करीब पांच बजे तेज बौछारे पड़ने लगी। सड़क से गुजर रहे लोग अचानक हुई बारिश से तरबतर हो गए। मौसम विभाग की माने तो चक्रवाती तूफान गुल-आब लगातार आगे बढ़ रहा है। इसके असर से जबलपुर सहित आस-पास के जिलों में गरज-चमक के साथ अनेक स्थानों पर बौछारें पड़ने की संभावना है। सोमवार को भी इसके असर की संभावना है।

उसम भरी गर्मी ने किया परेशान: बारिश न होने से दिन में लोग उमस भरी गर्मी से परेशान रहे। शाम जरूर हल्की बूंदाबादी के बाद मौसम में हल्की ठंडक का अहसास होता रहा। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 32 न्यूनतम 23 डिग्री पर बना हुआ है।

ऐसे बन रहे बारिश के समीकरण : मौसम विभाग के अनुसार चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र पूर्वोत्तर अरब सागर के ऊपर बना हुआ है। मानसून की ट्रफ रेखा जैसलमेर, कोटा, रायपुर, पुरी और फिर पूर्व दक्षिण पूर्व की ओर से होकर चक्रवात गुल-आब के केंद्र की ओर जा रही है। मध्य मध्य प्रदेश के उत्तरी भागों में चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। अगले 24 घंटों में पूर्वोत्तर और इससे सटे पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और चक्रवात हवाओं के क्षेत्र बनने की संभावना है, जो कम दबाव के क्षेत्र के गठन को प्रभावित कर सकता है। इसके असर से मध्यप्रदेश सहित जबलपुर के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बौछारे पड़ सकती है।

24 घंटे में हुई 0.2 मिलीमीटर बारिश: पिछले 24 घंटे में शहर में महज 0.2 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई है। जबकि अब तक कुल 625.8 मिलमीमीटर यानी 24.6 इंच ही बारिश हुई है। जबकि पिछले मानसून सीजन में आज के दिन तक 1082.4 मिलीमीटर यानी 43 इंच बारिश हो चुकी थी। मानसून सीजन में जबलपुर में औसतन 52 इंच बारिश रिकार्ड की जाती है।

Posted By: Ravindra Suhane

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