जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मतदान की तारीख करीब आते-आते चुनाव प्रचार की हवा भी बदल रही है। अभी तक प्रचार में जुटे दल अब एक -दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने लगे हैं। कोई विकास की तस्वीर दिखाकर लुभाने का प्रयास कर रहा है तो विरोधी उसकी पोल खोलने की कोशिश में जुटे हैं। इंटरनेट मीडिया में प्रत्याशी और उनके समर्थक इस तरह के समाचार, मीम, वीडियो जमकर वायरल कर रहे हैं। कुछ तो निजी तौर पर प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव अधिकारी के पास शिकायत तक करने पहुंच रहे हैं।

6 जुलाई को नगर सत्ता के लिए मतदान होना है इससे पहले पार्टियां प्रचार में हर तरकीब लगाकर मतदाता का आशीर्वाद लेने का प्रयास कर रही है। पिछले दिनों एक दल की तरफ से नर्मदा नदी में नालों के मिलने का सच जाहिर किया गया। जिसके जवाब में तत्काल दूसरी तरफ एक अन्य वीडियो दिखाया गया जिसमें वार्ड के भीतर की अव्यवस्था को दिखाया गया। समर्थक भी प्रत्याशी के पुराने कामकाज पर सवाल खड़े करने का प्रयास कर रहे हैं।

दावे अपने-अपने-

भाजपा प्रत्याशी ने जहां चुनावी प्रचार तेज होने के साथ ही एक रुपये मासिक मानदेय लेने का संकल्प लिया। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी का भी संकल्प बिना मानदेय लिए ही कार्य करने का संकल्प लिया। दोनों की तरफ से इसके लिए बकायदा इंटरनेट मीडिया के जरिए प्रचार किया जा रहा है। पार्टियों की तरफ से मतदाताओं से निजी तौर पर बात करने का प्रयास भी किया जा रहा है। इस काल सेंटर का इस्तेमाल प्रत्याशी अपने छवि को बेहतर बनाने के लिए कर रहे हैं। पार्टियों ने प्रोफेसनल्स काल सेंटर के युवक-युवतियों को इस काम में लगाया हुआ है। जो महापौर प्रत्याशी की खूबियों को मतदाता को बता रहे हैं।

शिकायत का सिलसिला जारी-

निर्वाचन शाखा में प्रत्याशियों को लेकर शिकायत भी पहुंचना शुरू हो गई। पार्षद प्रत्याशी एक-दूसरे के खिलाफ नए और पुराने मामले खोजकर उनकी शिकायत करने में जुटे हुए हैं। इसके लिए बकायदा टीम तक बनी हुई है। प्रत्याशी चुनाव के वक्त सार्वजनिक रूप से सतर्क होकर प्रचार अभियान में शामिल हो रहे हैं। उन्हें डर बना होता है कि कहीं कोई हरकत या अनजाने में कहीं बात का वीडियो या आडियो उनकी छवि को न प्रभावित कर दे। इस वजह से सतर्कता के लिए प्रत्याशी अपने साथ प्रचार के दौरान पूरे समय वीडियो और फोटोग्राफर की टीम रख रहे हैं ताकि गलत या भ्रामक किसी भी संदेश का तत्काल प्रमाण सहित जवाब दिया जा सके।

आइटी टीम कर रही काम-

भाजपा-कांग्रेस दोनों ही तरफ से आइटी विशेषज्ञ का दल बनाया गया है जो अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के अलावा विरोधी खेमे के इंटरनेट पर जारी हो रहे वीडियो और फोटो पर नजर रखे हुए है । जिस पोस्ट पर किसी तरह की आपत्तिजनक सामग्री मिल रही है उस पर वरिष्ठ पदाधिकारियों से सलाह लेकर प्रतिक्रिया जाहिर की जा रही है।

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