Ye Footpath Hamara Hai : जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। दमोहनाका से लेकर दीनदयाल चौक स्थित अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आइएसबीटी) तक सड़क से लेकर फुटपाथ तक अतिक्रमणों का जाल फैला है। आइएसबीटी तक अतिक्रमण हैं। जिसके कारण बसों से यात्रा करने वाले यात्रियों को सड़क पर आटो, बसों की आवाजाही के बीच सड़क से ही जान जोखिम में डालकर बस स्टैंड तक पहुंचना पड़ रहा है। फुटपाथ पर खान-पान के ठेले, टपरे, होटलें खुल गई हैं। वहीं बची जगहों पर रेहड़ी वालों ने दुकानें सजा रखी हैं। नगर निगम और स्थानीय नेताओं की सरपरस्ती में आबाद इन अतिक्रमणों के कारण 34 करोड़ रुपये से बने आइएसबीटी की सुंदरता भी प्रभावित हो रही है।

बसों के मुड़ने पर लग जाता है भारी जाम

शहर के सबसे व्यस्तम चौराहे में शामिल दीनदयाल चौराहे के इर्द-गिर्द अतिक्रमण है कि आइएसबीटी से निकलने वाली यात्री बसें भी चौराहे से मुड़ नहीं पातीं। जब भी चौराहे से बस गुजरती हैंं, जाम के हालात बन जाते हैं। फुटपाथ से आधी सड़क व्यापारियों, फुटकर विक्रेताओं का सामान रखा होने और आटो सहित अन्य वाहनों की आवाजाही बनी रहने से बसों का संचालन भी प्रभावित होता है। आइएसबीटी से रोजाना करीब 300 बसों का संचालन किया जाता है। कटनी, छिंदवाड़ा, सागर, छतरपुर, मंडला, डिंडौंरी, दमोह, नागपुर, भिलाई,रायपुर सहित अन्य जिलों के लिए यहीं सब छूटती हैं।

नो पार्किंग में आटो, ई-रिक्शा खड़े हो रहे

हाल ये है कि कुछ बस चालकों की मनमानी के कारण यात्री बसें आइएसबीटी से चलने की बजाए बाहर से ही संचालित की जा रही है। इससे भी जाम लग रहा है। वहीं आइएसबीटी के मुख्य प्रवेश द्वार के पास अतिक्रमण और नाे पार्किंग में सवारी बैठाने और उतारने के चक्कर में आटो, ई-रिक्शा खड़े रहते हैं। पैदल चलना भी कई बार मुश्किलों भरा होता है। जब-तब सड़क हादसों की नौबत भी बनी रहती है। जिम्मेदारों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं करने से यह समस्या जस की तस बनी हुई है।

दमोहनाका से दीदयाल तक तक पैदल चलना मुहाल

दमोहनाका चौक से दीनदयाल चौराहे तक पैदल चलना भी मुहाल है। दमोहनाका से ही सड़क किनारे और फुटपाथ पर ठेले-टपरे, खान-पान के स्टाल लगने शुरू हो जाते हैं। कुछ जगह दुकान लगाने, दुकानों को बढ़ा लिए हैं तो कुछ जगह मैकेनिकों ने कब्जा कर लिया है। दीनदयाल चौक तक सड़क के दोनों तरफ कब्जों की भरमार है। दमोहनाका में तो लेफ्ट टर्न तक में कब्जे हो गए हैं। ऐसे में पैदल चलने वालों की जमकर फजीहत हुए पड़ी है।

बोले नागरिक

आइटीआइ से लेकर दीनदयाल चोराहे तक तो पैदल चल ही नही सकते। देखते ही देखते फुटपाथ से लेकर सड़क तक बड़ी संख्या में कब्जे हो गए हैं। नगर निगम को इन्हें अच्छी जगह व्यवस्थित करना चाहिए ताकि वे व्यापार कर सके और पथिकों को परेशानी भी न हो।

ओम तिवारी

दमोहनाका से दीनदयाल चौक पर अवैध अतिक्रमणाें के कारण वाहन चालकों को भी परेशानी होती है। आइएसबीटी के पास तो अक्सर जाम के हालात बने रहते हैं। निगम को इसे व्यवस्थित करना चाहिए।

अतुल सोनी, नागरिक

क्या कहते हैं जिम्मेदार

आइएसबीटी के आस-पास अतिक्रमण होने के कारण बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है। अतिक्रमण शाखा से समन्वय स्थापित कर अतिक्रमण हटवाए जाएंगे। ताकि यात्रियों को आवागमन में परेशानी न हो।

सचिन विश्वकर्मा, सीईओ, जबलपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार की जा रही है। सभी तरह के अतिक्रमण हटाए जाएंगे। इसमें किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।

सागर बोरकर, अतिक्रमण शाखा प्रभारी, नगर निगम

Posted By: Dheeraj Bajpaih

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