जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि। जब कभी भी हम मिठाई की दुकान पर मिठाई खरीदने जाते हैं तो दुकानदार से जरूर पूछते हैं कि यह मिठाई कब बनी है। लेकिन अब ग्राहकों को इसे पूछने की जरूरत नहीं होगी क्योंकि अक्टूबर से मिष्ठान दुकान में शो-केश के अंदर रखी हर मिठाई में ही तारीख टैग लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। टैग में लिखना होगा कि मिठाई कब बनी है और एक्सपायर होने की तारीख कब है।

यह नियम खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्रशासन (एफएसएसएआई) नई दिल्ली ने देश भर के मिठाई दुकान संचालकों के लिए जारी कर दिया है। लेकिन मौजूदा समय में ऐसा हो पाना मुश्किल दिख रहा है। क्योंकि मिष्ठान कारोबारियों की मानें तो इसमें व्यवहारिक कठिनाइयां आना तय है।

जबलपुर में देश का पहला मिष्ठान क्लस्टर बनाने की प्रक्रिया पहले से ही चल रही है। शहर भर में 15 सौ से अधिक मिष्ठान विक्रेता हैं। जबलपुर मिष्ठान विक्रेता संघ और महाकोशल चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों ने इस पहल का स्वागत किया है लेकिन इस दिशा में व्यवहारिक कठिनाइयों का जिक्र भी किया है। व्यापारियों का कहना है कि कई बार एक दिन में एक मिठाई का ट्रे कई बार बदलता है। जबकि कुछ मिठाइयां अलग-अलग तापमान पर रखी जाती है। जिसके लिए कुछ कठिनाइयां जरूर आ रही हैं लेकिन इसके लिए भी वे तैयार हैं।

जबलपुर से नहीं गई आपत्तियां

एफएसएसएआई द्वारा इस नियम को लागू करने से पूर्व व्यापारी संघों को 60 दिनों का समय दिया गया था जिसमें वे अपनी आपत्ति रख सकते थे लेकिन जबलपुर के व्यापारियों को न तो शासन ने यह जानकारी दी ना ही उन्हें पूर्व में पता चल सका। जब नियम लागू हो गया तो अखबारों के माध्यम से मिष्ठान विक्रेताओं को पता चल रहा है। जबकि देश का पहला मिष्ठान व नमकीन क्लस्टर जबलपुर में बन रहा है।

एक जून से होना था लागू

खाद्य सुऱक्षा व औषधि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मिष्ठान विक्रेताओं के लिए एक्सपायरी तारीख का टैग मिठाई में लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत नया नियम एक जून से लागू होना था लेकिन केंद्र ने लॉकडाउन को देखते हुए व्यापारियों को छूट देते हुए इसका समय अक्टूबर तक बढ़ा दिया है। अब अक्टूबर से यह नियम लागू हो जायेगा।

इनका कहना है

मिष्ठान दुकानदारों के लिए मिठाइयों में एक्सपायरी तारीख लगाना अक्टूबर से लागू किया गया है जो स्वागत योग्य है लेकिन इसमें कुछ व्यवहारिक कठिनाइयां भी हैं। हर मिठाई की गुणवत्ता अलग-अलग होती है। इसमें परेशानी आ सकती है। इसे प्रशासन को व्यवहारिक बनाना चाहिए।

-अखिल मिश्र, सचिव, महाकोशल चैंबर ऑफ कॉमर्स

जबलपुर में मिष्ठान क्लस्टर की स्थापना हो रही है लेकिन मिष्ठान विक्रेताओं के लिए नया नियम आने से पहले हमें प्रशासन ने सूचित नहीं किया। नहीं तो इसमें आपत्ति दर्ज कराई जाती। क्योंकि इसमें कई व्यावहारिक कठिनाइयां हैं। मिष्ठान विक्रेताओं को प्रशासन द्वारा प्रशिक्षण मिले तो ही यह संभव है।

-हेमराज अग्रवाल, अध्यक्ष, जबलपुर मिष्ठान विक्रेता संघ

मिष्ठान विक्रेता संघ को कोई आपत्ति है तो उन्हें नियम लागू होने के 60 दिन पूर्व आपत्ति दर्ज कराना चाहिए था। कुछ परेशानी है तो वे अब भी ई-मेल कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

-अमरीश दुबे, खाद्य सुरक्षा अधिकारी

Posted By: Nai Dunia News Network

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