जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कलेक्ट्रेट सभागार का कुछ माह पहले सुंदरीकरण कराया गया, जिसमें यहां की बालकनी में फाल सीलिंग लगाने का काम भी किया गया। तीन-चार दिन लगातार पानी गिरने से फाल्‍स सीलिंग का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया। अब यह काम फिर कराया जा रहा है।

जबकि कलेक्ट्रेट की प्रथम तल पर स्थित सभागार को भी कुछ समय पहले ही चकाचक कराया गया था। पुरानी छत को ढांकने के लिए प्लाइवुड की फाल्‍स सीलिंग लगवाई गई थी। इस सीलिंग में सफेद पुट्टी भी की कराई गई थी। दीवार से और छत से आई नमी ने इस सीलिंग की प्लाई को भरभराकर नीचे गिरा दिया। कलेक्टर चैंबर के ठीक ऊपर बाहर की ओर लगी इस सीलिंग के गिरते ही सभी जिम्मेदारों के कान खड़े हो गए। नतीजतन लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने बिना समय गंवाए इस सीलिंग को ठीक कराने का काम फिर शुरू कर दिया। काम में लगे मजदूरों का कहना है कि ऐसे काम तभी तक टिकते हैं जब तक प्लाइवुड नमी और पानी से बची रहे, लेकिन यहां प्लाई दोनों के संपर्क में रहती है।

महानद्दा तालाब बचाने की गुहार

जबलपुर। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने प्रशासन से महानद्दा तालाब का अस्तित्व बचाने की गुहार लगाई है। इस तालाब के जितने भू-भाग में पानी रहने संबंधी जानकारी राजस्व रिकार्डों में दर्ज है उसके आधे से भी कम हिस्से में पानी आ पा रहा है। तालाब के बड़े हिस्से में अतिक्रमण तन चुके हैं। इस मामले में जिला प्रशासन ने एसडीएम गोरखपुर से जांच भी करा ली है। जांच रिपोर्ट में भी इस बात की पुष्टि हो चुकी है। लिहाजा मंच ने प्रशासन से मांग की है कि महानद्दा तालाब को बचाने उचित कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि इसे लेकर नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने हाइकोर्ट में याचिका भी लगाई थी। जहां से जिला प्रशासन को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया था।

Posted By: tarunendra chauhan

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