Jabalpur News : जबलपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। संस्कारधानी को लेकर मुख्यमंत्री की सक्रियता और उनकी ओर से यहां के विकास की खातिर तत्परता दिखाया जाना उनकी चुनावी नौटंकी है। उनको चुनाव के सात महीने पहले ही जबलपुर की याद क्यों आई? यह कहना रहा पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ का। वे नादिया घाट में आयोजित धर्म एवं उत्सव प्रकोष्ठ के महा अधिवेशन में बोल रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी ने धर्म का ठेका नहीं ले रखा है। इससे पूर्व कमल नाथ ने नादिया घाट में मां नर्मदा के तट पर पूजन-अर्चन किया। इस मौके पर सभी स्थानीय कांग्रेसी दिग्गज मौजूद रहे।

कमल नाथ ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि नादिया घाट में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम निजी आस्था का मामला है। इससे पहले छिंदवाड़ा में देश का सबसे बड़ा हनुमान मंदिर बनवाया गया, लेकिन हमने उसका प्रचार नहीं करवाया। हम धार्मिक भावनाओं को मंच पर नहीं लाते, उसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाते। जबकि बीजेपी धर्म के आधार पर राजनीति करती है। कमल नाथ ने परोक्ष रूप से ज्याेतिरादित्य सिंधिया को लेकर कहा कि कांग्रेस काे किसी तोप की जरूरत नहीं है। हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा जबलपुर को विशेष तवज्जो दिए जाने के सवाल पर कमल नाथ ने कहा इस क्षेत्र का विकास उनको चुनाव के सात महीने पहले ही क्यों याद आया? ये जनता का ध्यान भटकाने और उसे गुमराह करने का प्रयास है। जनता हमारी 15 महीने की सरकार को याद करती है।

बिसेन को भाजपा बालाघाट से नहीं दे रही टिकट

गौरीशंकर बिसेन के छिंदवाड़ा से चुनाव लड़ने संबंधी बयान पर कमल नाथ ने चुटकी लेते हुए कहा कि उनको भाजपा बालाघाट से टिकट नहीं दे रही इसलिए वो भागकर छिंदवाड़ा जाना चाहते हैं।

Posted By: Jitendra Richhariya

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