जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। जबलपुर की सीमा से लगे मंडला जिले के मनेरी औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग की स्थापना के नाम पर जबलपुर के एक जालसाज ने बैंक को 95 लाख रुपये का चूना लगा दिया। उसने फैक्ट्री की स्थापना के लिए बैंक से सिक्योर्ड टर्म लोन स्वीकृत कराया। प्लास्टिक फैक्ट्री की आधारशिला रखी, लेकिन उसके बाद उसने लाखों का लोन हड़पने की साजिश शुरू कर दी। इस अपराध में दिल्ली व जयपुर की तीन नामी कंपनियों ने भी उसका साथ दिया। जालसाज ने बैंक से टर्म लोन लेने के अलावा मशीनरी के दस्तावेजों को वित्त निगम में दृष्टि बंधक रखकर ऋण प्राप्त कर लिया था। आधा दर्जन जालसाजों की साजिश का खुलासा तब हुआ जब फैक्ट्री के नाम पर खोला गया टर्म लोन का बैंक खाता एनपीए हो गया। इओडब्ल्यू ने दिल्ली व जयपुर की कंपनियों समेत छह आरोपितों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है। इओडब्ल्यू एसपी देवेन्द्र राजपूत के निर्देश पर मामले की जांच निरीक्षक स्वर्ण सिंह धामी ने की।

यह है मामला: ईओडब्ल्यू अधिकारियों ने बताया कि 3506, मोहन किराना के पास सर्रापीपल रांझी निवासी विजय कुमार श्रीवास्तव पिता नरेश श्रीवास्तव ने औद्योगिक क्षेत्र मनेरी में प्लास्टिक फैक्ट्री की स्थापना का सपना देखा था। उसने मप्र वित्त विकास निगम में एसपी मैन्युफैक्चरिंग फर्म के नाम से आवेदन किया। निगम से प्रोजेक्ट पास होने पर उसने विजया बैंक यानी बैंक ऑफ बड़ौदा में टर्म लोन के लिए संपर्क किया। निगम से प्रोजेक्ट अप्रूव होने के कारण बैंक ने 29 जनवरी 2015 लाखों रुपये का लोन स्वीकृत कर लिया। लोन की रकम हाथ लगते ही विजय के मन में लालच आ गई और उसने कुछ कंपनियों के साथ मिलकर बैंक व वित्त निगम के लाखों रुपये हड़़प लिए। अप्रैल 2016 में बैंक खाता एनपीए हो जाने के बाद बैंक ने ईओडब्ल्यू में आर्थिक अपराध की शिकायत दर्ज कराई थी।

एक ही मशीन के कई बिल लगाए: ईओडब्‍ल्यू अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षक स्वर्णजीत सिंह धामी द्वारा की गई विवेचना के दौरान जानकारी सामने आई कि एसपी मैन्यूफैक्चरिंग का प्रोपाइटर विजय कुमार श्रीवास्तव ने प्राइवेट कंपनियों व गारंटर की मिलीभगत से धोखाधड़ी की थी। टर्म लोन में उसने 201 नरसिंह नगर रावण पार्क रांझी निवासी अल्का श्रीवास्तव, जीपी श्रीवास्तव को गारंटर बनाया था। प्राइवेट कंपनियों हिंदुस्तान प्लास्टिक एंड मशीन कार्पोरेशन औद्योगिक क्षेत्र नागलोई दिल्ली, जेएएम इंजीनियरिंग टूल्स ओखला औद्योगिक क्षेत्र नई दिल्ली तथा श्रीजी एंड कंपनी औद्योगिक क्षेत्र सुदर्शनपुर जयपुर ने मशीनों की खरीदी के नाम पर फर्जीवाड़ा करने के लिए उसे बिल उपलब्ध कराए थे। तीनों कंपनियों, दो गारंटर और मुख्य आरोपित के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने धारा 420, 120 बी का प्रकरण दर्ज कर लिया है।

Posted By: Ravindra Suhane

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