जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। घर बैठे मोबाइल पर आनलाइन बिजली कनेक्शन देने का दावा करने वाली पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में उपभोक्ता परेशान हैं। उन्हें आनलाइन सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है, जिस वजह से मजबूरी में बिजली दफ्तरों में दलालों के घेरे में आना पड़ रहा है। बिजली का घरेलू, व्यावसायिक या अस्थायी कनेक्शन हर काम के लिए दलाल दफ्तरों के अंदर जमे हुए हैं, जो उपभोक्ताओं को सुविधा देने के नाम पर अच्छी खासी सेवा शुल्क वसूल रहे हैं। उपभोक्ताओं ने बताया कि बिजली दफ्तर में आसानी से जानकारी मिलती नहीं है, ऐसे में मजबूर होकर दलालों के जरिए काम करवाना पड़ता है।इसके लिए 500 से दो हजार रुपये तक अतिरिक्त शुल्क देना पड़ रहा है।

आनलाइन आवेदन में ढ़ेरों खामियां-

पूर्व क्षेत्र कंपनी ने आनलाइन प्रक्रिया के तहत नए बिजली कनेक्शन, नाम बदलवाने की सुविधा दी है। इसमें तकनीकी खामियों के आगे उपभोक्ता परेशान हाे रहा है। कंपनी के आनलाइन सिस्टम में आवेदन करने के लिए निर्धारित फार्मेट में आवेदन के तीन पेज ही दर्ज हो पाते हैं। जिस वजह से पूरी जानकारी आनलाइन नहीं मिल पाती है। दस्तावेज में चेकिंग पाइंट नहीं है उपभोक्ता के द्वारा दर्ज अधूरी और असत्य जानकारी को जांचना मुश्किल है। इसके अलावा बिजली विभाग से आवेदन पर जब शुल्क के लिए आनलाइन डिमांड नोट जारी होता है तो उपभोक्ता के दर्ज मोबाइल पर संदेश ही नहीं पहुंचता है। जिसके लिए कई बार उपभोक्ता बिजली दफ्तर के चक्कर लगाने मजबूर होता है।

सर्वे के नाम पर परेशान-

बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन के साथ ही शहरी क्षेत्र में 15 दिन के भीतर नया कनेक्शन जारी करना होता है। ग्रामीण क्षेत्र के लिए 30 दिन की सीमा है। आवेदन के बाद कनेक्शन वाले इलाके का सर्वे लाइनमेन को करना होता है। सर्वे में पोल से निर्धारित दूरी और लोड अादि की रिपोर्ट लाइनमेन द्वारा दी जाती है। लाइनमेन इसी काम में कई बार टाल मटोल कर उपभोक्ता को परेशान करते हैं। उपभोक्ता तंग आकर 500-1000 रुपये अतिरिक्त शुल्क देकर काम करवाता है।लाइनमेन की रिपोर्ट को कनिष्ठ अभियंता द्वारा सत्यापित किया जाता है।

मीटर नहीं होने का बहाना-

उपभोक्ताओं को नए कनेक्शन में देरी के लिए मीटर उपलब्ध नहीं होने का हवाला दिया जाता है। बिजली कंपनी के पास आए दिन मीटर की कृत्रिम कमी बनी रहती है। जबकि एरिया स्टोर में सैकड़ों मीटर रखे रहते हैं। जिन्हें मांग के अनुरूप वितरण केंद्रों को जारी किया जाता है। इसके बावजूद उपभोक्ता को टालने के लिए मीटर की कमी का हवाला देकर कई दिन घुमाया जाता है।

भार अधिक इसलिए अस्थायी कनेक्शन नहीं-

संजीवनी नगर के पीछे गुजराती कालोनी से लगे चंदननगर इलाके में दर्जनों उपभोक्ता पुरवा वितरण केंद्र में बिजली का अस्थायी कनेक्शन लेने के लिए आवेदन कर रहे हैं लेकिन उन्हें कनेक्शन नहीं मिल रहा है। उपभोक्ताओं ने जब अफसरों से इसके लिए लिखित में पूछा तो पुरवा वितरण केंद्र से मई माह में सहायक अभियंता पुरवा की तरफ से लिखित जवाब में कहा गया है कि विद्युत अधोसंरचना के तहत पहले ही पर्याप्त कनेक्शन जारी हो चुके हैं इसलिए नए अस्थायी कनेक्शन नहीं दिए जा सकते हैं। इसी आधार पर आवेदन निरस्त किया गया है।अब यहां रहने वाले कई उपभोक्ताओं ने मकान बनाकर रहने की तैयारी की है लेकिन बिजली कनेक्शन नहीं मिलने से वह दूसरी जगह रहने मजबूर है।

ऐसे करते हैं दलाल उपभोक्ता को हलाल-

अधिकतर उपभोक्ता आफलाइन ही आवेदन करना पसंद करते हैं। दफ्तरों में निश्शुल्क आवेदन मिलता है लेकिन आवेदन की कमी बताकर दफ्तरों के आसपास खड़े दलालों से आवेदन लेने की सलाह दी जाती है। 10-20 रुपये में दलाल आवेदन देकर जरूरी दस्तावेज मांगते हैं उसमें बिजली ठेकेदार द्वारा आवेदन सत्यापित कराना होता है इसके लिए 200 से 500 रुपये तक शुल्क ठेकेदार उपभोक्ता से लेते हैं। कनेक्शन जल्द लगवाने का दलाल सेवा शुल्क अतिरिक्त लेते हैं यदि उपभोक्ता आवेदन खुद जमा करता है तो आगे लाइन स्टाफ नियमों का पेंच फंसाकर काम में बांधा डालते हैं। कई उपभोक्ताओं के एक -एक माह बीतने के बावजूद नए कनेक्शन नहीं मिल पाते हैं।

दो माह तक परेशान हुए

बिजली कनेक्शन लेने के लिए दो माह पहले खूब परेशान हुए। कई दिनों को बिजली विभाग के चक्कर लगाए आखिर में तंग आकर आधारताल बिजली आफिस में एक एजेंट के मार्फत अतिरिक्त शुल्क देकर घरेलू मीटर कनेक्शन लेना पड़ा।-प्रेमलता शुक्ला,उपभोक्ता

अस्थायी मीटर कनेक्शन लेने के लिए भी कई चक्कर बिजली विभाग में लगाने होते हैं। शादी ब्याह के नाम पर कनेक्शन लेने के लिए कई तरह का सर्वे और जानकारी देने के बाद भी मीटर लगवाने के लिए अतिरक्त पैसा देना पड़ा। बिना दलालों के काम करवाना मुश्किल होता है।-चंद्रकांत सेन,उपभोक्ता

दुकान के लिए व्यावसायिक कनेक्शन लेने के लिए रांझी के बिजली दफ्तर में कई दिनों तक चक्कर लगाने पड़े लेकिन लाइनमेन कनेक्शन देने में आनाकानी करता रहा। बाद में दलाल से संपर्क किया गया तो उनके द्वारा हफ्तेभर में कनेक्शन मिल गया।-आकाश सोनी,उपभोक्ता

उपभोक्ताओं को दोनों तरह की सुविधाएं दी गई हैं

बिजली के कनेक्शन देने के लिए आनलाइन और आफलाइन दोनों ही सुविधा दी गई है। उपभेाक्ताओं को बिजली दफ्तर में निश्शुल्क ही आवेदन दिया जाता है। दलालों को प्रवेश हर विभाग में वर्जित है। यदि कहीं कोई दिखता है, उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाती है। नियम के अनुसार 15 दिन के पहले ही कनेक्शन देने का प्रयास होता है।- अल्पा ठाकुर, कार्यपालन अभियंता विजय नगर संभाग

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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