जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कर्मचारी जनता यूनियन ने प्रबंध संचालक पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को पत्र सौंपकर विभिन्न मांगों से अवगत कराया। जनता यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष डीके द्विवेदी ने कहा कि सरकारी उपयोग में लगे वाहनों का भारी दुरुपयोग किया जा रहा है। इससे बचने के लिए वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाया जाना चाहिए। कार्यालय सहायक और लाइन कर्मियों की नियमित भर्ती की जानी चाहिए।

यूनियन ने मांग की है कि संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाए। राज्य सरकार द्वारा अनुभाग अधिकारी के ग्रेड पे में 4200 से 4800 रुपये एक जनवरी-2016 से किया गया है, जिसे कंपनी के द्वारा लागू नहीं किया गया है, उसे लागू किया जाए। पेंशनर्स को भी नियमित कर्मियों की भांति 31 प्रतिशत भत्ता दिया जाए। पेंशन प्रकरणों का निपटारा समय सीमा के अंदर किया जाए। निचले स्तर के कर्मचारियों के साथ प्रताड़ना बंद की जाए तथा उन्हें सुरक्षा उपकरण मुहैया करवाए, ताकि विद्युत दुर्घटना में रोक लग सके। यूनियन के डीके द्विवेदी ने कहा कि बीते एक साल में आउटसोर्स कर्मियों के साथ हुई दुर्घटनाओं की जांच की जाए। इसके अलावा शहडोल, उमरिया और अनूपपुर जिले में सौभाग्य योजना की जांच तत्काल करवाई जाए। इसमें जो भी दोषी हो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। यूनियन ने रिवाल्विग फंड के लगातार हो रहे दुरुपयोग को रोकने की मांग की है।

आउटसोर्स कर्मी बना ठेकेदार

मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कर्मचारी जनता यूनियन ने आरोप लगाया कि शहडोल में पदस्थ आउटसोर्स कर्मचारी जो खुद ठेकेदारी भी कर रहा है। कार्य भी समय सीमा के अंदर पूर्ण नहीं किया जाता है। इसके अलावा लाइन कर्मचारियों की अनुकंपा नियुक्ति नियमित की जा रही है, जबकि कार्यालय सहायक श्रेणी तीन की अनुकंपा नियुक्ति संविदा आधार पर की जा रही है। इस विसंगति को दूर कर कार्यालय सहायक श्रेणी तीन की भी अनुकंपा नियुक्ति नियमित रूप से की जाए। इसके अलावा सातवें वेतनमान की विसंगति को दूर किया जाए।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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