जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि।

मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने सीहोर नगर पालिका के वार्डों की सीमाओं व संख्या के निर्धारण (परिसीमन) व आगामी चुनाव के लिए किए गए वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया को चुनौती संबंधी याचिका खारिज कर दी।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय यादव व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ ने याचिका खारिज कर कहा कि नए वार्डों की अंतिम सूची के सात अक्टूबर 2015 को प्रकाशन के बाद इस पर आपत्तियों के लिए अवसर दिया गया, लेकिन याचिकाकर्ता ने आपत्ति दर्ज नहीं कराई। लिहाजा, अब उसकी आपत्ति औचित्यहीन है।

सीहोर नगर पालिका का मामला:

सीहोर नगर पालिका के पूर्व पार्षद शमीम अहमद की ओर से दायर याचिका में 25 सितंबर, 2020 को जारी वार्डों की संख्या व सीमा निर्धारित करने के आदेश को चुनौती दी गई। याचिका में तीन अक्टूबर, 2020 को किए गए वार्ड आरक्षण को भी अवैध बताते हुए निरस्त करने का आग्रह किया गया। तर्क दिया गया कि सीहोर नगर पालिका की ताजा जनगणना कराने, वार्डों की संख्या 40 करने सहित अन्य मांगों को लेकर उक्त आदेशों के खिलाफ याचिकाकर्ता की आपत्ति खारिज कर दी गई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने पाया कि 25 सितंबर को जारी आदेश 2015 में शुरू हुई प्रक्रिया के संदर्भ में जारी किया गया। पहले सारी प्रक्रिया हो चुकी थी। लिहाजा, अब आपत्ति की सुनवाई नही की जा सकती। वार्ड आरक्षण के संबंध में जारी आदेश की प्रति प्रस्तुत न करने पर कोर्ट ने इस बिंदु पर बहु विचार करने से इन्कार कर याचिका खारिज कर दी। याचिकाकर्ता का पक्ष अधिवक्ता शेखर शर्मा व सरकार का पक्ष अधिवक्ता विक्रम जौहर ने रखा।

Posted By: Sunil Dahiya

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