जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि । हाई कोर्ट में प्रदेश में संचालित निजी नर्सिंग कालेजों की मान्यता में हुए फर्जीवाड़े के आरोप संबंधी मसले की सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ व न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की युगलपीठ के समक्ष नर्सिंग काउंसिल की ओर से पक्ष रखने खड़े हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने गत सुनवाई में दिए गए निर्देश के पालन में जवाब व शपथ पत्र पेश किया।इस दौरान याचिकाकर्ता ने आपत्ति जताई कि हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच के निर्देश पर हुई जांच की रिपोर्ट पेश नहीं की गई है।इस पर कोर्ट ने नर्सिंग काउंसिल को उक्त रिपोर्ट पेश करने के लिए एक दिन की मोहलत दे दी।अगली सुनवाई 17 अगस्त को निर्धारित की गई है।

पूर्व में हुई सुनवाई में नर्सिंग काउंसिल की ओर से हाई कोर्ट को बताया गया था कि हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच के निर्देश पर हुई जांच के आधार पर ग्वालियर संभाग में स्थित 70 नर्सिंग कालेज अपात्र पाए गए हैं। जिसके बाद उनकी मान्यता समाप्त की गई है। इसी प्रकार शेष जिलों में भी जांच टीम बनाकर जांच की अनुमति कोर्ट से चाही गयी थी।इस पर याचिकाकर्ता अधिवक्ता विशाल बघेल की ओर से दस्तावेज पेश कर कोर्ट को बताया गया था कि ग्वालियर संभाग में नर्सिंग काउंसिल की जांच टीम ने जिन कालेजों को क्लीनचिट दी है, वहां फर्जी फैकल्टी कार्यरत हैं। इन्हें कई कालेजों ने एक साथ, एक ही समय पर स्वयं के यहां फैकल्टी दर्शाया है।

इस तथ्य को गंभीरता से लेते हुए गत सुनवाई में प्रशासनिक न्यायाधीश शील नागू व न्यायमूर्ति द्वारकाधीश बंसल की युगलपीठ ने नर्सिंग कौंसिल की रजिस्ट्रार तथा संचालक चिकित्सा शिक्षा से शपथ पत्र पर जवाब मांगा था। इसके पालन में राज्य सरकार ने शपथ पत्र पेश किया था। याचिकाकर्ता की ओर से इस बात पर आपत्ति प्रकट की गयी कि हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच के निर्देश पर हुई जांच की रिपोर्ट जवाब और शपथ पत्र के साथ पेश नही की गयी है। इस पर कोर्ट ने नर्सिंग काउंसिल को उक्त रिपोर्ट कोर्ट के सामने पेश करने के लिए एक दिन की मोहलत दी।अगली सुनवाई 17 अगस्त को निर्धारित की गई है।

Posted By: tarunendra chauhan

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