जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका के जरिये शासकीय स्कूलों के परिसर को अतिक्रमण मुक्त किए जाने पर बल दिया गया है। जबलपुर के सामाजिक कार्यकर्ता विनोद सराफ की ओर से अधिवक्ता श्रीकृष्ण मिश्रा ने पक्ष रखा। हाई कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद राज्य शासन सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया है।

मनमाने तरीके से हो रहा अतिक्रमण : मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ के समक्ष बहस के दौरान दलील दी गई कि जबलपुर सहित महाकोशल अंचल की कई शासकीय स्कूलों के परिसर पर मनमाने तरीके से अतिक्रमण हो गया है। इस वजह से स्कूल का संचालन मुश्किल हो गया है। कहीं बाजार खुल गया तो कहीं मकान बना लिए गए। यह शासकीय संपत्ति का दुरुपयोग है। पूर्व में एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसका इस निर्देश के साथ निराकरण किया गया था कि यदि भविष्य में फिर से शिकायत सामने आए तो नए सिरे से जनहित याचिका दायर की जा सकती है। इसी स्वतंत्रता का लाभ उठाकर नए सिर से हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। हाई कोर्ट ने पूर्व आदेश को रिकार्ड पर लेकर नोटिस जारी कर दिए। इससे पूर्व अधिवक्ता श्री मिश्रा ने अवगत कराया कि शासकीय स्कूलों के परिसर मनमाने तरीके से निजी आयोजनों के लिए किराए पर दे दिए जाते हैं। यह किराया कहां जाता है, कोई जानकारी नहीं दी जाती। इससे साफ है कि शासकीय संपदा का निजी लाभ के लिए उपयोग हो रहा है। इस रवैये पर अंकुश आवश्यक है।

Posted By: Brajesh Shukla

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