जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में प्री-पीएचडी कोर्स वर्क को आफलाइन के साथ आनलाइन भी कराने की मांग की गई। देवेंद्र पुरुष छात्रावास के छात्रों ने इस संबंध में प्रदर्शन किया और कुलपति को ज्ञापन दिया। प्रशासन ने इस मामले को विद्या परिषद की बैठक में शामिल किया और विभाग प्रमुखों से राय के आधार पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया।

देवेंद्र छात्रावास के मृत्युजंय तिवारी, सोमदत्त यादव ने बताया कि पीएचडी कोर्स वर्क में 50 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थी शासकीय सेवा में कार्यरत हैं। कई अतिथि विद्वान हैं, जिन्हें अपने कार्यालय से कक्षा के लिए समय नहीं मिल रहा है। ऐसे में आनलाइन यदि सुविधा मिलेगी तो विद्यार्थी अपने दफ्तर से भी कक्षाओं में शामिल हो पाएंगे। छात्रों ने कहा, कई शोधार्थी यहां आकर कक्षाएं करना चाहते हैं, लेकिन उनके रहने के लिए छात्रावास में पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण वे नहीं आ रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए आफलाइन के साथ आनलाइन भी कोर्स वर्क की कक्षाएं शुरू की जाए।ज्ञापन कुलपति प्रो.कपिल देव मिश्र को दिया गया। इस दौरान सुरेंद्र कुशवाहा, अभिनव तिवारी धर्मेन्द्र पटैल आदि मौजूद रहे। इस संबंध में कुलसचिव ब्रजेश सिंह ने कहा कि प्रकरण को विभाग अध्यक्षों से मत लिया जा रहा है। उनके मत के अनुरूप निर्णय होगा।

ई-कंटेंट पर प्रदेश स्तरीय आनलाइन कार्यशाला -

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित ई-कंटेंट के आनलाइन प्रशिक्षण हुआ। जिसमें हिंदी टायपिंग के लिए बोलकर लिखने के साफ्टवेयर के बारे में जानकारी दी गई। महाकोशल कालेज के भी प्राध्यापकों ने आनलाइन इस कार्यशाला में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के संयोजक डा. धीरेन्द्र शुक्ला ने बताया कि सभी ई-कंटेंट हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में इस प्रकार से बनाये जाएँगे कि ग्रामीण और शहरी, हिन्दी और अंग्रेजी माध्यम के सभी विद्यार्थी आसानी से समझ पाएं और अधिक से अधिक लाभान्वित हो सकें। महाकोशल कालेज के संभागीय नोडल अधिकारी प्रो. अरुण शुक्ल ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत वीडियों व्याख्यान तैयार करवाने के लिए आनलाइन प्रशिक्षण में जबलपुर संभाग के 28 प्राध्यापक/सहायक प्राध्यापक उक्त ट्रेनिंग प्राप्त कर रहे हैं।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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