जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना काल में यात्री ट्रेनों की संख्या कम हो गई है। यहां तक की जो ट्रेनें चल रहीं थी, उनमें भी न के बराबर यात्री सफर कर रहे हैं, जिससे रेलवे अब उन्हें रद कर रहा है। इसका असर यह हुआ कि ट्रेनों से होने वाली कमाई के आंकड़े का ग्राफ लगातार गिर रहा है। इस बीच रेलवे ने अपनी कमाई बढ़ाने के लिए न सिर्फ मालगाड़ी ज्यादा चलाई, वरन व्यापारी, किसान और आमजन को रियायत देकर सड़क के रास्ते जाने वाले माल, अपनी गाड़ी तक खींच लिया। पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर, भोपाल और कोटा मंडल को इस बार मालगाड़ी से तीन गुना कमाई हुई। इसके लिए पमरे ने व्यापारियों को रियायत देने के साथ मालगाड़ी की रफ्तार बढ़ाने से लेकर माल गोदाम में सुविधाएं बढ़ाने का काम किया।

सड़क परिवहन को मालगाड़ी की ओर मोड़ा : पमरे में 100 से अधिक माल लादान टर्मिनल है। पश्चिम मध्य रेल पर मुख्यतः 12 सामग्रियों का माल लादान किया जाता है जिसमें 28% सीमेंट, 16% क्लिंकर, 9% कोयला, 14% खाद तथा 15% खाद्यान्न है जो कि मालवाहक का कुल 82% होता है। पमरे के अधिकारियों ने सड़क के रास्ते जाने वाले माल को मालगाड़ियों से ले जाने के लिए हर संभव कदम उठाया। यहां तक की रेल कर्मचारियों को व्यापारियों तक मालगाड़ियों के फायदे तक गिनवाने उन्हें बाजार में उतार दिया । इसका असर यह हुआ कि अब तेजी से व्यापारी मालग़ाड़ियों से माल ले जा रहे हैं।

3.78 मिलियन टन माल का किया लादान : पश्चिम मध्य रेलवे ने अप्रैल 2021 में 3.78 मिलियन टन का माल लादान कर और पिछले वर्ष अप्रैल 2020 माह में 1.31 मिलियन टन माल लादान की तुलना में 200% अधिक माल लादान किया है। तीन गुना अधिक माल लादान पमरे ने सर्वश्रेष्ठ लोडिंग हासिल की है। अप्रैल माह में औसत प्रतिदिन 1999 वैगनों की लोडिंग की है जबकि पिछले वर्ष अप्रैल माह में औसत प्रतिदिन 745 वैगनों की लोडिंग की जाती थी। पिछले वित्तीय वर्ष 2020-21 में पमरे का औसत प्रतिदिन 1908 वैगनों की लोडिंग की गयी थी।

व्यापारियों का समूह बनाया, किराया कम किया: पमरे ने इस कमाई को बढ़ाने के लिए छोटे-छोटे व्यावसाइयों के मालों का समूह बनाकर माल को गंतव्य तक पहुंचाया तथा इसके साथ- साथ ढुलाई दरों में भी कमी की जिसका उत्साहवर्द्धक सुपरिणाम ये प्राप्त हुआ कि छोटे व्यवसायी भी रोड ट्रांसपोर्ट के स्थान पर रेल ट्रांसपोर्ट की तरफ आकर्षित हुए। पश्चिम मध्य रेल मुख्यालय एवं जबलपुर, भोपाल, कोटा मंडलों पर बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट की स्थापना की गई है, जिनके द्वारा व्यापारियों के साथ समन्वय कर पमरे की लोडिंग को गति प्रदान की गई है। रेलवे ने माल गाड़ियों की गति में वृद्धि की जिससे माल समय पर और जल्दी पहुंचना आसान हुआ। रेलवे ने माल ढुलाई में व्यापारियों के लिए डोर टू डोर सर्विस को बढ़ावा दिया है।

Posted By: Sunil Dahiya

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