जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। नगर निगम से बिना नक्शा पास कराए भवन निर्माण करने वालों को शासन के निर्देश पर वैध कराने एवं स्वीकृति के विपरीत निर्माण की कम्पाउंडिंग कराने वालों को 30 फीसद तक की छूट दी जा रही है। लेकिन व्यावसायिक इमारतों में नियम के विपरित निर्माण कराया गया है तो उन्हें छूट तो नहीं मिलेगी उल्टा अवैध निर्माण टूट भी सकते हैं। शहर में ऐसे अवैध निर्माण कार्यों की जांच करने के लिए निगमायुक्त ने नौ सदस्यीय दल गठित कर दिया है। जो रोजाना मुख्य सड़कों के संपूर्ण वाणिज्यिक क्षेत्रों का प्रतिदिन भ्रमण कर अवैध भवनों को चिन्हित कर भवन संबंधी दस्तावेजों की जांच करेंगे और नियमानुसार प्रशमन (कम्पाउंडिंग) स्वीकृत कर शुल्क वसूलेंगे। जबकि जो दस्वावेज पेश नहीं कर पाएंगे उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। अवैध निर्माण यदि नियमानुसार छूट के दायरे में नहीं पाया गया तो उन्हें तोड़ने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

रोजाना रिपोर्ट होगी तैयार: उपरोक्त दल के प्रभारी प्रतिदिन प्रशमन प्रकरणों एवं प्रशमन शुल्क जमा की प्रगति की समीक्षा सहायक आयुक्त रचयिता अवस्थी के समक्ष पेश करेंगे। सहायक आयुक्त प्रतिदिन प्रगति प्रतिवेदन निगमायुक्त संदीप जीआर के समक्ष प्रस्तुत करेंगी। दल में उपयंत्री भवन शाखा मनीष तड़से, अनुपम शुक्ला, सहायक यंत्री शैलेंद्र सिंह कौरव, उपयंत्री अक्षय सरावगी,सहायक यंत्री चेतना चौधरी, उपयंत्री संतोष पांडे, सहायक यंत्री जागेंद्र सिंह, उपयंत्री पंकजी अवस्थी, पवन सिंह ठाकुर शामिल है।

15 हजार से ज्यादा अवैध निर्माण: नगर निगम के भवन शाखा के मुताबिक शहर में 15 हजार से ज्यादा निर्माण ऐसे हैं जिन्होंने या तो बिना नक्शा स्वीकृत कराए भवन बना लिया या कम्पाउंडिंग सीमा बढ़ा ली है। अब ऐसे भवनों को शासन के नियमों के तहत राहत दी जा रही है।

इन्हें नही मिलेगा लाभ-

- अवैध कालोनी में विकास शुल्क जमा न करने वालों को नहीं मिलेगा छूट का लाभ।

- नियमित भवन पंक्ति को प्रभावित करने वाले निर्माण नहीं होंगे वैध।

-वाहनों की पार्किंग करने के लिए निर्धारित क्षेत्र में अवैध निर्माण करने पर कम्पाउंडिंग नही होगी।

- सार्वजनिक सड़क के संरक्षण को प्रभावित करने वाले निर्माण नहीं होंगे वैध।

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दिया जा रहा 30 फीसद कम्पाउडिंग का लाभ: भवन अधिकारी आरके गुप्ता ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा शहर के उन नागरिकों को राहत दी जा रही है जिनके द्वारा बिना अनुज्ञा के भवन निर्माण अथवा भवन अनुज्ञा से अधिक निर्माण कर लिया गया है। भवन अनुज्ञा में प्रश्मन अथवा कम्पाउंडिंग की सीमा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दी गई है। जबकि प्रशमन के लिए प्राप्त प्रकरणों के शुल्क में 20 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।इससे शहर के हजारों नागरिकों को लाभ मिलेगा। जिनके द्वारा अभी तक कम्पाउंडिंग नहीं कराई गई है। वे शीघ्र कम्पाउंडिंग के लिए प्रकरण जमा कर शासन द्वारा जारी प्रावधानों के तहत छूट का लाभ उठा सके। आवेदकों को 28 फरवरी 2021 तक ई - नगर पालिका के आटोमेटिक बिल्डिंग प्लान अप्रुवल सिस्टम (एबीपीएएस) के माध्यम से आवेदन करना होगा।

Posted By: Ravindra Suhane

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