जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। बारिश का सीजन शुरू होने में चंद दिन ही शेष है। लेकिन शहर के बड़े नालों से लेकर वार्डों की नालियों की सफाई का कार्य रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। हाल ये है कि गुरूवार को महज 15 मिनट की झमाझम बारिश में ही सिविक सेंटर सहित आस-पास की नालियां उफना गईं। कचरा, पन्नियां ऊपर आ गईं। इसी के साथ ये संकेत भी मिल गए कि यदि नगर निगम के जिम्मेदारों ने समय रहत सिविक सेंटर की के चारों तरफ के नाले-नालियां साफ नहीं कराई तो सिविक सेंटर में इस बार भी बारिश में जलभराव के हालात बनेंगे, क्योंकि व्यापारियों, दुकानदार व खान-पान के ठेले टपने वालों द्वारा फेंके गए कचरा, गंदगी, पालीथिन, प्लास्टिक से नाले-नालियां पूरी तरह से चोक हो चुकी है, जिसके कारण बारिश में पानी की निकासी नहीं हो पाएगी।

घुटने तक भर जाता है पानी-

सिविक सेंटर क्षेत्र में घुटने तक पानी भर जाता है। आगामी बारिश के सीजन को देखते हुए यहां के व्यापारी संभावित जलभराव से चिंचित हो उठे है। सिविक सेंटर दवा बाजार से लेकर जेडीए बिल्डिंग के सामने पार्क के समीप की नालियां जहां चोक हो गई है वहीं बारिश के पानी की निकासी के लिए इनकी सफाई नहीं कराई जा रही है। बारिश में हर साल ही यहां पानी भरता है। इतने वर्षों बाद भी नगर निगम ने ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की जिससे यहां होने वाले जलभराव को रोका जा सके। ले देकर दवा बाजार के समीप पुलिया से लगा नाला साफ करा दिया जाता है।

इसलिए होता है जलभराव-

जानकारों की माने तो सिविक सेंटर पार्क के चारों तरफ का क्षेत्र निचला है। बारिश के कारण चारों तरफ का पानी नाले-नालियां से यहां आकर भरता है लेकिन इसकी निकासी के लिए जरूरी इंतजाम नहीं है। क्योंकि ओमती नाले से तो नाले-नालियों को जोड़ा गया है लेकिन निचला क्षेत्र होने के कारण पानी ऊपर की तरफ नही जा पाता है। नगर निगम की इंजीनियरिंग भी यहां काम नहीं आ रही है।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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