जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। नरघैया के कुछ व्यापारियों ने अन्य कारोबारियों की प्रतिष्ठा दांव पर लगा दी है। घटना सस्ते का माल महंगे में बेचने से जुड़ी है। रातों-रात मालामाल होने के लिए लुधियाना की कपड़ा मंडी में बनने वाले लोकल कपड़ों को नामी कंपनियों के नाम पर बेचा जा रहा है। 150-200 रुपये की खरीद वाले कपड़ों को 12 से 18 सौ रुपये में बेचा जाता रहा। एक बहुराष्ट्रीय कंपनी द्वारा पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा को की गई शिकायत के बाद व्यापारियों की करतूत उजागर हुई। एसपी के निर्देश के बाद कोतवाली पुलिस टीम ने कंपनी के प्रतिनिधियों को साथ लेकर दुकानों की जांच की।

लुधियाना से आते हैं कपड़े : कार्रवाई के दौरान व्यापारियों ने कहा कि ज्यादातर कपड़ों की खरीदी लुधियाना से होती है। वहां से जैसे कपड़े मिलते हैं वैसे ही वे उनकी बिक्री करते हैं। यहां लाने के बाद कपड़ों से कोई छेड़छाड़ नहीं की जाती। प्रतिस्पर्धा के कारण ज्यादा मुनाफा भी नहीं मिलता। पुलिस टीम ने कपड़ा दुकानों में जींस की जांच की। जींस के पैंट देखने के बाद कंपनी के प्रतिनिधियों ने उन्हें किसी अन्य कंपनी द्वारा निर्मित होना बताया। जिसके बाद जींस के कुछ सैंपल जब्त किए गए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर रोहित काशवानी ने बताया कि कपड़ा व्यापारियों से पूछताछ की जा रही है। कपड़ों के क्रय विक्रय के दस्तावेज मांगे गए हैं। जांच उपरांत कार्रवाई की जाएगी। विदित हो कि शहर में नकली खाद बीज मिलावटी खाद्य पदार्थ मोबाइल के नकली एसेसरीज जैसे तमाम मामलों में पुलिस कार्रवाई कर चुकी है। नकली और मिलावटी सामान बेचने वालों पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।

Posted By: Brajesh Shukla

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