जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म छह के बाहर बने कोच रेस्टारेंट के संचालक द्वारा रेलवे की अतिरिक्त जमीन पर कब्जा कर निर्माण करने का मामला गर्मा गया है। पश्चिम मध्य रेलवे की विजलेंस इस मामले की जांच कर रहे हैं। मौके के निरीक्षण के बाद विजलेंस ने जबलपुर रेल मंडल से कोच रेस्टारेंट दिए जाने संंबंधित दस्तावेज लिए हैं। इसकी जांच कर मामले की पूरी रिपोर्ट तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेज दी गई है। इधर विजलेंस के अधिकारियों द्वारा कोच रेस्टारेंट की जमीन की नापजोक करने के बाद संचालक पर की कार्रवाई का दायरा भी बढ़ा दिया है।

सूत्रों की मानें तो जब मदनमहल रेलवे स्टेशन पर बन रहे कोच रेस्टारेंट की जमीन की भी विजलेंस नापजोक कर सकती है। वहीं कटनी, रीवा और सतना के कोच रेस्टारेंट की भी जांच करने की तैयारी शुरू हो गई है। गौरतलब है कि महिला दिवस पर पमरे के जीएम सुधीर गुप्ता ने कोच रेस्टारेंट का शुभारंभ कर यहां पर काम करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया था।

क्या है मामला

जबलपुर रेलवे स्टेशन के बाहर बने कोच रेस्टारेंट काे जबलपुर रेल मंडल ने लगभग साढ़े तेरह सौ जमीन आवंटित कर इसकी राशि जमा कराई, लेकिन संचालक ने इससे अधिक जमीन पर कब्जा कर कोच रेस्टारेंट तान दिया। वहीं कोच रेस्टारेंट के बाहर चौपाटी बनाकर छह दुकान तान दी, जिसे किराए पर दिया जा रहा था। कोच के पीछे अधिकांश रेलवे की जमीन पर संचालक ने फिंसिंग लगाकर कब्जा किया वहीं रेलवे क्वार्टर पर अवैध तौर पर अपने कर्मचारियों को रखकर खाना बनाया जा रहा था। इसकी शिकायत रेलवे बोर्ड की विजलेंस से की गई, जिसके बाद पमरे की विजलेंस के आला अधिकारियों ने मौक पर जाकर जमीन की नापजोक की जिसमें 200 वर्गफीट से ज्यादा जमीन अतिरिक्त निकली।

अब क्या होगा

जांच के आदेश सीधे रेलवे बोर्ड से आने के बाद मंडल और जोन के अधिकारियों में खलबली मच गई है। पमरे विजलेंस को भी इस मामले में पहले भी कई शिकायत मिली, लेकिन वह चुप्पी साधे रही। जैसे ही जांच के आदेश रेलवे बोर्ड से होने के बाद हड़कंप मच गया। अब विजलेंस मदनमहल समेत अन्य चार कोच रेस्टारेंट की जमीन आवंटन, नियम और शर्तों की जांच करने जा रही है।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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