जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। प्रवेश लेने के बाद विद्यार्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन नही हुआ जिस वजह से उनके प्रवेश को निरस्त करने की कार्रवाई हो रही है मामला शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान का है। जहां कई छात्रों का दस्तावेजों का सत्यापन ही नही हुआ।

विद्यार्थियों के साथ साल भर कॉलेज प्रबंधन ने भी इस प्रक्रिया पर ध्यान नही दिया। छात्रों का कहना है कि आईटीआई में प्रवेश लेने के एक साल बाद में पता चला कि उनके दस्तावेजों का सत्यापन ही नहीं हुआ है। जिसके चलते उनका परीक्षा के लिए रोल नंबर ही जनरेट नहीं हुआ है। विभिन्न ट्रेडों के ऐसे करीब 20 से ज्यादा छात्र प्रभावित हैं। छात्र राकेश रजक, हिमांशु, राहुल शर्मा आदि ने कहा कि सत्यापन के दौरान सर्वर में समस्या आने के कारण शामिल नहीं हो सके।

इसकी जानकारी आईटीआई प्रशासन को दी गई थी लेकिन प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया। उनका रोल नंबर जनरेट न होने से उनके परीक्षा में शामिल होने से वंचित होने का खतरा बन गया है। वहीं इस मामले में आईटीआई प्राचार्य टीके नंदनवार ने कहा कि डॉयरेक्ट्रेट द्वारा दो बार वेरिफिकेशन की प्रक्रिया आयोजित की गई इसकी सूचना सभी छात्रों को दी गई थी। बताने के बाद भी कुछ छात्र शामिल नहीं हुए जिसमें छात्रों की गलती है। यदि तकनीकी समस्या आती तो बाकी छात्र भी प्रभावित होते। वेरिफिकेशन दोबारा शुरू करने का निर्णय भोपाल स्तर लेगा विभाग को अवगत करा दिया गया है।

भोपाल में अफसर: तकनीकी शिक्षा के तहत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान का मुख्यालय जबलपुर होने के बावजूद यह अधिकारी नही बैठते है। निदेशक से लेकर ज्यादातर अधिकारी भोपाल में ही पदस्थ है। जरूरी फ़ाइल को भोपाल ले जाया जाता है। इधर विद्यार्थियों को भी अपनी बात रखने के लिए भोपाल की दौड़ लगानी होगी।

Posted By: Ravindra Suhane

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