जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। किसी भी शहर की सड़कों को उसकी धमनियां कहा जाता है। अगर शहर के दिल की धमनियां ही कमजोर हों तो उस शहर की खूबसूरती न केवल प्रभावित होती है, बल्कि शहर की सांसें भी थमती नजर आती हैं। वजह साफ है कि बदहाल सड़कें यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर देती हैं। स्मार्ट सिटी में अब शहर के हृदय स्थल कहे जाने वाले गोल बाजार को सजाने-संवारने के लिए सड़कें यानी धमनियों को दुरुस्त करने का काम किया जाएगा। यह काम 40 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

स्मार्ट सिटी एरिया में शामिल गोल बाजार को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत संवारा जाएगा। चारों तरफ की करीब साढ़े तीन किमी की गोल सड़क सहित उससे जुड़ने वाली सात प्रमुख लिंक रोड को स्मार्ट रोड बनाने के लिए चौथी बार टेंडर हो गया है। दावा किया जा रहा है कि टेंडर लेने वाली भोपाल की कंपनी दो-चार दिनों में सर्वे कर लेगी। 10 से 15 दिनों में कार्यादेश भी जारी कर दिए जाएंगे। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत स्मार्ट रोड बनाने के अलावा भूमिगत बिजली कनेक्शन, ड्रेनेज सिस्टम, सेंट्रल लाइट, फुटपाथ, पाथवे, लैंड स्केपिंग जैसे काम कराए जाएंगे।

चार साल से घूम रही थी फाइल, तीन बार हो चुका था टेंडर

विदित हो कि ऐतिहासिक व्यावसायिक स्थल गोल बाजार की मुख्य सड़क और उससे जुड़ने वाली लिंक रोड को स्मार्ट रोड को नए सिरे से बनाने के लिए पिछले चार साल से फाइल घूम रही थी। इन चार सालों में तीन बार टेंडर भी निकाले गए, लेकिन कोई ठेकेदार टेंडर लेने के लिए तैयार हीं नहीं हुआ। कई बार क्षेत्रीय पार्षद ने गोल बाजार की बदहाल, जर्जर सड़क बनाने के लिए आंदोलन भी किया। अब चौथी बार टेंडर होने के बाद उम्मीद की जा रही है कि गोल बाजार के दिन जरूर फिरेंगे।

ऐसे चमकेगा गोल बाजार

- गोल बाजार की गोल सड़क सहित इससे जुड़ने वाली रानीताल, बल्देवबाग, लार्डगंज, सराफा, मालवीय चौक, राइट टाउन लिंक रोड को स्मार्ट रोड की शक्ल दी जाएगी।

- स्मार्ट रोड में अंडरग्राउंड इलेक्ट्रिफिकेशन, सेंट्रल लाइट, वाटर ड्रेनेज सिस्टम, फुटपाथ, पाथवे, लैंड स्केपिंग बनाया जाना है।

- गोल बाजार व्यावयायिक क्षेत्र और चौपाटी को भी विकसित किया जाना है। ताकि लोग सैर-सपाटे के साथ लजीज व्यंजनों का स्वाद भी ले सकें।

जर्जर हो गई सड़क, 30 हजार लोग करते हैं आवागमन

- स्मार्ट रोड बनाने के चक्कर में गोल बाजार की गोल सड़क पांच सालों में पूरी तरह से जर्जर हो चुकी हैं। जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं।

- शहर के बीचों-बीच स्थित गोलाबाजार में अस्पताल, बैंक, व्यावसायिक काम्पलेक्स, स्कूल-कॉलेज हैं। गोल सड़क मुख्य बाजार को जोड़ती है। व्यस्तम सड़क से रोजाना 25 से 30 हजार लोगों का आवागमन होता है।

- स्मार्ट एरिया में शामिल गोल बाजार को विकसित करने और स्मार्ट रोड बनाने के लिए बाधक बने मकानों को तोड़ा जा चुका है लेकिन विकास कार्य आज तक शुरू नहीं हो पाए।

गोल बाजार में शहीदों की यादें जुड़ी

गोल बाजार शहीद स्मारक को शहीदों की याद में बनवाया गया है। ऐतिहासिक गोल बिल्डिंग का निर्माण सेठ गोविंददास ने कराया था। 1945 में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व.जवाहर लाल नेहरू ने इसकी आधारशिला रखी थी और प्रथम राष्ट्रपति स्व.राजेंद्र प्रसाद ने 1956 में भवन का उद्घाटन किया था। बीचों बीच शहीदों की याद में अनूठा स्मारक बनाया गया है। शहीद स्मारक परिसर के विशाल मैदान में मेला लगता है। विविध आयोजन भी होते हैं।

गोल बाजार को विकसित करने के टेंडर हो गए हैं। एग्रीमेंट की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही कंपनी सर्वे कर लेगी और उसके बाद कार्यादेश जारी कर देंगे। - कमलेश श्रीवास्तव, कार्यपालन यंत्री व प्रोजेक्ट प्रभारी स्मार्ट सिटी

Posted By: Prashant Pandey

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