जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। आयुष्मान कार्ड के अभाव में इलाज के लिए तरस रहे युवक को जब केयर बाय कलेक्टर की मदद से 24 घंटे में आयुष्मान कार्ड मिला तो उसका और उसके स्वजनों की खुशी का ठिकाना न रहा। युवक डेंगू से पीडि़त है। कार्ड न बनने से उसे शासकीय योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था। कार्ड बनने के बाद अब वह अपना इलाज मुफ्त में करा पाएगा।

दअरसल आर्थिक रुप से कमजोर राजेश मल्लाह डेंगू की चपेट में आ गया था। उसे उसके स्वजन ने सुख सागर मेडिकल कालेज में भर्ती कराया था। लेकिन आयुष्मान कार्ड ना होने के कारण इलाज का खर्च चुकाने में परेशानी हो रही थी। नागरिकों के बताए अनुसार उसके स्वजन ने केयर बाय कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के वाट्सएप नंबर पर मैसेज कर आयुष्मान कार्ड बनवाने का आग्रह किया था।

मैसेज मिलते ही बनवाया कार्ड: केयर बाय कलेक्टर के वाट्सएप नम्बर पर मैसेज मिलते ही उन्होंने ई-गवर्नेंस के जिला प्रबंधक चित्रांशु त्रिपाठी को तत्काल राजेश मल्लाह का आयुष्मान कार्ड बनवाने के निर्देश दिए। मैसेज करने के चौबीस घंटे के अंदर आयुष्मान कार्ड बनाकर राजेश व उसके स्वजन को दे दिया गया। कार्ड बनते ही उसके इलाज की अड़चन भी दूर हो गई। राजेश ने केयर बाय कलेक्टर व्हाट्स अप नंबर पर दोबारा संदेश भेजकर कलेक्टर आभार व्यक्त किया।

समग्र आइडी से हट गया था नाम: दरअसल राजेश का नाम उसकी परिवार समग्र आइडी से हट गया था। जिसके कारण आयुष्मान की पात्रता सूची में नाम नहीं आ रहा था। ई-गवर्नेंस के जिला प्रबंधक चित्रांशु त्रिपाठी ने आइडी खोज निकाली जिससे कार्ड बनने का रास्ता खुल गया। विदित हो कि इसके पहले भी कैंट विधानसभा क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति का नाम समग्र आइडी में प्रदर्शित नहीं हो रहा था। उसका आयुष्मान कार्ड भी नहीं बन रहा था। तब ई-गवर्नेंस के जिला प्रबंधक चित्रांशु त्रिपाठी ने इसी तरह आइडी खोजकर कार्ड बनवाने में मदद की थी।

Posted By: Ravindra Suhane

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