जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कलेक्टर ने सभी विभागों के मैदानी अधिकारियों-कर्मचारियों से आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए शुरू हो रहे अभियान को आंदोलन का रूप देने का अनुरोध किया है। कलेक्टर सौरव सुमन ने इस कार्य में जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में पदस्थ अमले को अपना सामाजिक दायित्व मानते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके कार्यक्षेत्र के प्रत्येक पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बन जाए।

कलेक्टर सुमन पनागर, सिहोरा और मझौली में आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए गुरुवार से चलाए जाने वाले अभियान की पूर्व तैयारियों के तहत आयोजित बैठकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इन बैठकों में सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को आयुष्मान कार्ड बनवाने के अभियान में मिल जुलकर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हर एक पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बन जाए, इसकी चिंता सभी को करनी होगी। यह किसी एक व्यक्ति या एक विभाग की नहीं, बल्कि सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

कलेक्टर ने बैठकों में शेष बचे सभी पात्र व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनाने के कार्य को आने वाले दस दिनों में पूरा कर लेने की अपेक्षा की। उन्होंने उम्मीद जताई कि अधिकारी-कर्मचारी इस जिम्मेदारी का केवल शासकीय दायित्व के तौर पर ही नहीं, बल्कि इसे अपना सामाजिक दायित्व समझकर निर्वाह करेंगे। कलेक्टर ने आयुष्मान योजना को लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने की अब तक की सबसे बड़ी योजना बताया। उन्होंने कहा कि गम्भीर बीमारी की स्थिति में आयुष्मान कार्ड धारी व्यक्ति के परिवार का कोई भी सदस्य अच्छे से अच्छे और निजी अस्पताल में पांच लाख रुपये तक का निश्शुल्क उपचार करा सकता है।

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धनपुरी में उर्वरक विक्रेता का लायसेंस निलंबित

उर्वरक वितरण में अनियमितता पाए जाने पर जबलपुर विकासखंड के ग्राम धनपुरी स्थित कृषि आदान विक्रेता मेसर्स कृषि उद्यम का उर्वरक विक्रय लायसेंस निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई प्राधिकृत अधिकारी उर्वरक एवं उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास डा. एसके निगम ने की। डा.एसके निगम ने यह कार्रवाई किसानों से प्राप्त शिकायतों को जांच में सही पाए जाने पर की। किसानों की शिकायतों की जांच अनुविभागीय अधिकारी कृषि, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एवं उर्वरक निरीक्षक से कराई गई थी। इन अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत किए गए जांच प्रतिवेदन में मेसर्स कृषि उद्यम को उर्वरक नियंत्रण आदेश का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया था। उप संचालक कृषि ने मेसर्स कृषि उद्यम का उर्वरक विक्रय लायसेंस निलंबित करने के साथ ही उसे कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा है।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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