जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शहर में जिस रफ्तार से कोरोना संक्रमण के मामले बढ रहे हैं, उससे बाद जिला प्रशासन ही नहीं, रेलवे भी इससे निपटने की तैयारी में जुट गया है। जबलपुर रेल मंडल ने पिछले साल कोरोनाकाल में कई जनरल कोचों को आइसोलेशन कोच में बदला था, अब उन्हें एक बार फिर तैयार किया जा रहा है। अब तक कोचिंग यार्ड में धूल खा रहे यह 22 आइसोलेशन कोच का मेंटेनेंस जबलपुर रेल मंडल ने शुरू कर दिया है। इन्हें यार्ड से निकालकर प्लेटफार्म तीन पर खड़ा किया है।

30 दिल्ली भेजे, बाकी जबलपुर में ही खड़े : रेलवे ने तकरीबन 52 से ज्यादा आइसोलेशन कोच तैयार किए थे, जिसमें से तकरीबन 30 कोच दिल्ली भेज दिया गया था, जिसके बाद शेष 22 आइसोलेशन कोच थे। इन्हें आपातकाल के लिए मंडल में ही खड़ा कर दिया था, लेकिन अब रेलवे के कर्मचारियों में भी तेजी से कोरोना संक्रमण फैल रहा है, जिसके बाद बिगडते हालात पर काबू पाने के लिए रेलवे ने अपने स्तर पर कई कदम उठाए हैं। इनमें से एक कदम इन कोचों को उपयोग में लाना है।

हर कोच में 10 केबिन : जबलपुर मंडल के मै​केनिकल विभाग ने जनरल कोच को आइसोलेशन कोच में बदला था। हर कोच में 10 केबिन हैं, जिसमें से एक डॉक्टर और दूसरा दवाइयां और उपकरण के लिए हैं। शेष 8 कोच मरीजों के लिए रखा गया है। रेलवे का कहना है कि अभी तक जिला प्रशासन ने इन कोचों को नहीं मांगा है, लेकिन जरूरत हुई तो इन कोचों में भी कोरोना संक्रमण से ग्रस्त लोगों का भर्ती किया जाएगा।

Posted By: Brajesh Shukla

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