जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। इतने बड़े-बड़े मामले धनवंतरि नगर में किए। एसडीएम व तहसीलदार को सस्पेंड करवा दिया। नाम संतोष जैन है और काम भी संतोष है। गोदाम के भीतर व बाहर की वीडियो बना ली है। वीडियो डेढ़ माह से बनाई जा रही है। अधिकारी पहुंचेंगे तो सब गड़बड़ हो जाएगा। अधिकारियों को बोलकर आया हूं। लोकेशन देते ही वे कार्रवाई के लिए पहुंच जाएंगे। आ जाओ वरना काम भारी हो जाएगा...। शासकीय राशन दुकान संचालक दीपक कुमार निवासी तकिया मोहल्ला गढ़ा को इस आशय की धमकी देकर फर्जी पत्रकार संतोष जैन, जेपी यादव व उसके गुर्गों ने डेढ़ लाख रुपये की अड़ी दी थी।

24-25 जनवरी 2021 को हुई इस घटना में फर्जी पत्रकारों द्वारा अवैध वसूली के मामले की शिकायत शनिवार को राशन दुकान संचालक ने पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा से की। राशन दुकान संचालक समेत तमाम लोग पुलिस तक शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं जिन्हें फर्जी पत्रकारों की गैंग ने ब्लैकमेल किया था। इधर, फर्जी पत्रकारों की ब्लैकमेलर गैंग के पांच और गुर्गों अंकित श्रीवास्तव, बादल पटेल, कोमल पटेल, बबला थोराट व प्रेम सिंह लोधी को पुलिस ने दबोच लिया है। गैंग के सभी गुर्गे हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता, क्राइम ब्रांच के जवान तथा पत्रकार बनकर अवैध वसूली करते थे।

ग्वारीघाट में दर्ज प्रकरण में गैंग के खिलाफ लूट व आइटी एक्ट की धाराएं बढ़ाई गई हैं। फरार आरोपितों रवि बेन, अर्पित ठाकुर, शैलेंद्र गौतम, देवेंद्र यादव व अन्य की तलाश की जा रही है। विदित हो कि पुलिस ने शुक्रवार को गैंग के चार सदस्यों फर्जी पत्रकार जेपी सिंह, संतोष जैन, पंकज गुप्ता व विवेक मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया था। इन चारों आरोपितों से पूछताछ के लिए कोर्ट ने तीन दिन की रिमांड स्वीकृत की है। गिरफ्त में आए अन्य पांच आरोपितों से पूछताछ के लिए कोर्ट से रिमांड की मांग की जा रही है। इस प्रकार मदनमहल पुलिस अब तक नौ आरोपितों को दबोच चुकी है। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा के निर्देश पर एएसपी सिटी रोहित काशवानी, एएसपी क्राइम गोपाल प्रसाद खांडेल की निगरानी में टीआइ मदनमहल नीरज वर्मा, टीआइ ग्वारीघाट विजय सिंह परस्ते द्वारा मामले की जांच की जा रही है।

पड़ोसी जिलों में फैला रखा था वसूली का जाल: फर्जी पत्रकारों की गैंग ने जबलपुर के अलावा मंडला, डिंडौरी, नरसिंहपुर, बालाघाट समेत कुछ अन्य जिलों में वसूली का जाल फैला रखा था। लोगों को ब्लैकमेल करने के साथ गैंग के निशाने पर वे युवक व युवतियां रहते थे जिनकी पत्रकारिता में रुचि रहती थी। चर्चित नाम वाले अखबार व चैनल से मिलते-जुलते नाम वाली संस्था में काम करने का मौका मिलने की उम्मीद में युवक-युवतियां आकर्षित हो जाते थे। जिनसे मोटी रकम लेकर चैनल की आइडी थमा दी जाती थी। गैंग के सदस्य डरा धमकाकर उन्हें भी ब्लैकमेलिंग के धंधे में उतार देते थे। हालांकि इस तरह पीडि़त युवक युवतियों की पुलिस तलाश कर रही है।

बालाघाट का निवासी है अंकित: पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित अंकित श्रीवास्तव उर्फ अन्ना बालाघाट का निवासी है। पूर्व में विजय नगर थाने में उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। उसने पत्रकार बनकर प्लाट बेचने के नाम पर 25-25 हजार रुपये लोगों से ठग लिए थे। पुलिस ने इस मामले की जांच की थी परंतु नतीजा निकलने से पहले ही शिकायत बंद कर दी गई। मंडला, डिंडौरी, नरसिंहपुर और बालाघाट में भी गैंग द्वारा वसूली की घटनाएं सामने आई हैं। मंडला के बीजाडांडी में तीन लाख रुपये की वसूली से आहत ग्रामीणों ने गैंग के कुछ सदस्यों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा था। इस गैंग का नाम वर्ष 2020 में तिलवारा क्षेत्र में बकरियों के अवैध परिवहन में आ चुका है। बरगी में डीजल व पेट्रोल बेचने वाले व्यापारी को धमकाने व वसूली के मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी सारिका पांडेय ने गिरोह के खिलाफ एफआइआर दर्ज की थी।

इन कार्यों में लिप्त रही गैंग: फर्जी पत्रकारों की गैंग संपत्ती पर अवैध कब्जा, जुआरियों-सटोरियो-कबाडि़यों से अवैध वसूली, बड़े व्यापारियों व अधिकारियों तक युवतियों को भेजकर उन्हें फंसाना तथा ब्लैकमेल करना, क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर अवैध वसूली करना, रेत व अन्य खनिज संपदा के परिवहनकर्ताओं से वसूली, चैनल में खिलाफ में खबरें दिखाने की धमकी देकर गांव के जनप्रतिनिधियों व झोलाछाप डॉक्टरों से अवैध वसूली करना जैसे तमाम कार्य गिरोह द्वारा किए जाते रहे।

Posted By: Ravindra Suhane

NaiDunia Local
NaiDunia Local