जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। अंतिम सांस लेने से पूर्व अभिलाषा उन लोगों के लिए फांसी की मांग करती रही, जिनकी वजह से उसे अग्निस्नान करना पड़ा। उपचार के दौरान मेडिकल कालेज अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। वह डॉक्टर बनकर समाजसेवा करना चाहती थी। चार बहनों में सबसे छोटी अभिलाषा केंद्रीय विद्यालय वीएफजे में 11वीं कक्षा में पढ़ाई कर रही थी। दो साल पूर्व उसकी मां का निधन हो गया था। आटो चालक पिता मुकेश जैन ने आंसू पोंछते हुए बताया कि आग से जली अभिलाषा दर्द से छटपटाती रही। आंसुओं के साथ उसने अपनी अंतिम इच्छा में ब्लैकमेल व प्रताडि़त करने वाले दरिंदों के लिए फांसी मांगी थी। इधर, बुधवार सुबह नौ बजे मेडिकल में पोस्टमार्टम के बाद अभिलाषा का शव रांझी स्थित घर लाया गया। रिश्ते के भाई ने रांझी मुक्तिधाम में मुखाग्नि दी।

यह है मामला : मस्ताना चौक के समीप रांझी निवासी मुकेश जैन की बेटी अभिलाषा उर्फ खुशी ने मंगलवार को घर की छत पर आत्मदाह कर लिया था। स्वयं को आग के हवाले करने से पूर्व खुशी ने एक पत्र लिखा था। जिसमें उसने तीन नाबालिगों समेत पांच लोगों को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया था। मेडिकल में उपचार के दौरान उसने एक और महिला का नाम बताया। जिसके बाद आरोपितों की संख्या छह हो गई। आरोपित उसे धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहे थे। सुसाइड नोट में उसने स्पष्ट किया कि रांझी थाने में सुनवाई न होने के कारण उसके पास आत्महत्या के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा है। खुशी की मौत के बाद रांझी पुलिस ने छह आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनके खिलाफ 306 समेत अन्य धाराओं के तहत एफआइआर दर्ज की गई है। आशा खन्ना, उर्मिला चौधरी व ममता केवट समेत सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। तीन आरोपित नाबालिग बताए जा रहे हैं।

पहले भी लिखा था सुसाइड नोट : मुकेश जैन ने कहा कि रांझी पुलिस चाहती तो उसकी बेटी को आत्मघाती कदम न उठाना पड़ता। उसे ब्लैकमेल व प्रताडि़त किया जा रहा था। चाकू की नोंक पर आरोपितों ने उसकी फोटो खींच ली थी। उसी आधार पर खुशी को ब्लैकमेल कर धमकाया जा रहा था। आरोपितों की प्रताड़ना से तंग होकर विगत माह खुशी ने आत्महत्या का प्रयास किया था। उस समय उसने सुसाइड नोट में घटना के मुख्य आरोपित का नाम लिखा था। सुसाइड नोट मिलने के बाद भी रांझी पुलिस आरोपित पर शिकंजा नहीं कस पाई। अंतत: उसकी बेटी को आत्महत्या करनी पड़ी। मुकेश जैन ने आरोप लगाया कि खुशी को ब्लैकमेल कर पैसे की मांग की जा रही थी। छह दिसंबर को घर पहुंचे दो आरोपितों ने खुशी को धमकी दी थी कि पांच हजार रुपये न मिले तो तुम्हारे पिता काे मार डालेंगे।

छेड़छाड़ की शिकायत पर चुप रही पुलिस : खुशी के स्वजन निर्मल चंद जैन ने बताया कि एक आरोपित खुशी से छेड़छाड़ करता था। डेढ़ माह पूर्व उसने स्कूल से लौटते समय खुशी का रास्ता रोक लिया था। कंचनपुर निवासी यह आरोपित खुशी के मोहल्ले में किराए के मकान में निवास कर रहा था। पुलिस से शिकायत की गई थी परंतु कार्रवाई नहीं हुई। छह दिसंबर को खुशी अपनी दो बहनों स्वाति व रुचि के साथ रांझी थाने गई थी। पुलिस से राहत नहीं मिली। दो आरोपित बेखौफ होकर थाने के गेट पर डटे रहे।

निर्भया की तरह बालिगों वाला केस चले : स्वजन ने कहा कि खुशी की मौत के जिम्मेदार नाबालिग आरोपितों पर निर्भया की तरह बालिगों वाला केस चलाया जाए। पिता मुकेश जैन ने कहा कि वे अपना दर्द नहीं बता सकते। उन्होंने अपनी सबसे लाडली बच्ची को अपनी आंखों के सामने पल-पल तड़पकर मरते हुए देखा। वह हर सांस में आरोपितों के लिए फांसी मांग रही थी।

मोहल्ले के नागरिक थे परेशान : मुकेश जैन के पड़ोसियों ने बताया कि दो नाबालिग आरोपितों की हरकत से वे भी परेशान हो चुके थे। नाबालिग आरोपित खुशी के घर वाली गली में तेज आवाज में मोटरसाइकिल चलाकर आते थे। गली में खुलेआम गालीगलौज करते थे। खुशी व उसकी अन्य बहनें डरी सहमी घर में छिप जाती थीं। आरोपितों से त्रस्त होकर मुकेश जैन ने कड़ा रुख अपनाया तो उनके खिलाफ आरोपितों ने रांझी थाने में एफआइआर करा दी थी।

Posted By: Brajesh Shukla

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