जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मद्देनजर पहले चरण के लिए हुए मतदान का अंतिम आंकड़ा आ गया। जिले में करीब 78 फीसदी मतदान हुआ है। जिले में सर्वाधिक मतदान पनागर में और सबसे कम कुंडम में हुआ। यद्यपि कुंडम में भी मतदान का प्रतिशत बढ़िया रहा।

पंचायत चुनाव के पहले चरण में हुए मतदान में जिले में 77.86 प्रतिशत मतदान हुआ। पनागर के तिवारीखेड़ा में हुए विवाद के चलते वहां रात दस बजे के बाद तक मतदान चलता रहा। जिला निर्वाचन का सारा अमला देर रात तक वहीं डटा रहा, जिसकी वजह से आंकड़ों का सारणीयन होने में रविवार तक का वक्त लग गय। जिले की 270 ग्राम पंचायतों में विभिन्न पदों के लिए मतदान हुआ था। ऐसे में बूथ वार प्रक्रिया तो देर शाम तक निपट गई, लेकिन बूथ लेबल से सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी और फिर जिला निर्वाचन कार्यालय तक आंकड़े आने में काफी समय लगा। उस पर तिवारीखेड़ा की घटना ने सारणीयन के अंतिम आंकड़ों को और विलंबित कर दिया।

देर रात तक चलता रहा वोटों का आंकलन

सरपंच और पंच पदों के लिए तो हार-जीत का अंदाजा सहज ही लग गया, लेकिन जनपद और जिला पंचायत सदस्यों की स्थिति का आंकलन करने के लिए प्रत्याशी और उनके समर्थक बड़ी मशक्कत करते रहे। अनेक क्षेत्रों के लिए प्रत्याशी और उनके समर्थक देर रात तक आंकड़े जुटाने में लगे रहे। जिले की 527 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें पड़ने वाले वोटों के माध्यम से 17 जिला पंचायत और 156 जनपद सदस्यों का चुनाव होता है। इस तरह से एक जिला पंचायत सदस्य के क्षेत्र में करीब 28 और एक जनपद पंचायत सदस्य के क्षेत्र में तीन से चार ग्राम पंचायतें आती हैं। जनपद सदस्य पद के प्रत्याशियों को जहां तीन से चार पंचायतों में अपने अभिकर्ता बैठाने पड़ते हैं, वहीं जिला पंचायत सदस्यों को करीब ढाई दर्जन अभिकर्ताओंं की व्यवस्था करना पड़ती है। इन सभी की सक्रियता पर ही आंकड़ों के संग्रहण का काम निर्भर करता है। लिहाजा जिन दस जिला पंचायत सदस्यों के लिए शनिवार को वोट पड़े उनमें से अधिकांश क्षेत्रों के प्रत्याशी देर रात तक आंकड़ाें को ही संकलित करने और उनको क्रास-चेक करने में लगे रहे। यद्यपि जनपद सदस्यों के लिए हुए चुनावों के संकेत लोगों को देर रात तक मिल गए।

मौसम ने भी दिया साथ

मानसून आ चुका है। बीते दो-तीन दिनों से पानी नहीं गिरा। कम दबाव का क्षेत्र बन भी रहा था, शुक्रवार रात की उमस से ऐसा लग रहा था कि पानी किसी भी वक्त गिर सकता है। शनिवार को दिन भर आसमान पर बादल भी छाए रहे। बावजूद इसके कहीं भी पानी नहीं गिरा। इस वजह से भी मतदान की रफ्तार और प्रतिशत बहुत बढ़िया रहा। मौसम के मिजाज को देखकर ऐसा लगा मानो, ऊपर वाला भु लोकतंत्र के इस महापर्व में अपना योगदान कर रहा हो। अगले चरण का मतदान जिले की शेष तीन जनपद पंचायतों में एक जुलाई को होना है।

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