जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि होमगार्ड को सप्लाई की जाने वाली 110 रेस्क्यू बोट्स सप्लाई के लिए दी गई सात करोड़ रुपये की निविदा क्यों निरस्त कर दी गई। मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ ने राज्य सरकार व अन्य अनावेदकों को नोटिस जारी किए हैं। जवाब पेश करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है।

सात करोड़ की थी निविदा : याचिकाकर्ता लिटमस मरीन कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ, अधिवक्ता दया शंकर द्विवेदी व धीरज कुमार तिवारी ने पक्ष रखा। दलील दी गई कि मध्य प्रदेश होमगार्ड्स, नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन मुख्यालय द्वारा याचिकाकर्ता कंपनी को इसी साल 110 रेस्क्यू बोट्स उपलब्ध करने के लिए लगभग सात करोड़ रुपये की निविदा दी गई थी। प्रदेश सरकार ने निविदा देने के बाद जानबूझ कर देरी से रेस्क्यू बोट्स का डेमो लिया। इसके कुछ ही दिनों के अन्दर जबरदस्ती कंपनी पर दबाव डालकर 110 रेस्क्यू बोट्स की आपूर्ति करने को कहा गया। इस पर जब कंपनी ने निविदा की अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन किया तो मध्य प्रदेश होमगार्ड्स, नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन मुख्यालय ने बिना किसी सुनवाई के 30 सितम्बर, 2021 को पूरी निविदा ही निरस्त कर दी। निवेदन करने पर भी सरकार का रवैया नहीं बदला। इस पर हाई कोर्ट की शरण ली गई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने सरकार को कंपनी द्वारा दी गई लाखों रुपये की बैंक गारंटी को निकालने पर रोक लगाते हुए सरकार से जवाब तलब कर लिया है।

Posted By: Brajesh Shukla

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