जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि सभी जिला कलेक्टरों को खुले में रखे गए सरकारी अनाज को बरसात से बचाने के लिए आदेश जारी किए गए हैं। इनमें से छह जिलों में अनाज सुरक्षित होने की रिपोर्ट आ गई हैं। बाकी जिलों की रिपोर्ट पेश करने के लिए चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को एक जुलाई तक की मोहलत दे दी।

सड़ता है लाखों टन अनाज : जबलपुर निवासी कृषक गुलाब सिंह की ओर से अधिवक्ता हिमांशु मिश्रा ने कोर्ट को बताया कि सरकारी स्तर पर कृषि उपज मंडी सहित किसानों की उपज सहेजने के लिए जिन गोदामों आदि का प्रविधान किया गया है, वहां अनाज सुरक्षित नहीं रह पाता। इस वजह से प्रतिवर्ष कई टन अनाज सड़ जाता है। इस तरह का सड़ा हुआ अनाज मवेशियों के काम भी नहीं आता। तर्क दिया गया कि कुछ वर्ष पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने गोदामों में कई टन अनाज सड़ जाने के मसले को बेहद गंभीरता से लेते हुए तल्ख टिप्पणी की थी। सुको ने कहा था कि यदि शासन-प्रशासन के स्तर पर अन्नदाता की मेहनत को नहीं संरक्षित किया जा सकता तो सड़ने से पूर्व उपज को गरीबों में बांट दिया जाए। इसके बावजूद हर साल कभी गोदामों में रखा कई टन चावल तो कभी गेहूं और कभी सब्जियां बड़े पैमाने पर सड़ती हैं। आग्रह किया गया कि कृषकों की मेहनत का सम्मान करते हुए अनाज का संरक्षण किया जाए। ताकि वक्त आने पर जरूरतमंदों के काम आ सके।

भंडारण क्षमता से अधिक खरीदी : अधिवक्ता मिश्रा ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार की कवर्ड भंडारण क्षमता 87.6 लाख टन, कैप भंडारण क्षमता 5.3 लाख टन है। इसके साथ ही सरकार ने स्टील सिओल भी बनवाए हैं, जिनकी भंडारण क्षमता 4.5 लाख टन है। जबकि राज्य सरकार ने रबी की फसल में 1975 रुपये क्विंटल समर्थन मूल्य से गेहूं सहित 127 लाख टन अनाज खरीदा है। इसके चलते लाखों टन अनाज खुले में पड़ा भीगकर सड़ रहा है। इस तरह से जनता के करोड़ों रुपये बर्बाद हो रहे हैं।

छह जिलों की रिपोर्ट आई : सरकार की ओर से बताया गया कि कोर्ट के 15 जून के आदेश के परिप्रेक्ष्य में 17 जून को प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने सभी कलेक्टरों को पत्र लिखा। पत्र में सभी कलेक्टरों से भंडारित अनाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने व रिपोर्ट देने को कहा गया। इस पत्र के परिप्रेक्ष्य में सिवनी, छिंदवाड़ा, शहडोल, होशंगाबाद, मण्डला, कटनी जिलों की रिपोर्ट प्राप्त हुई हैं। इससे स्पष्ट है कि उक्त जिलों में भंडारित किया गया पूरा अनाज सुरक्षित है। शेष जिलों से अभी रिपोर्ट आना बाकी है।

Posted By: Brajesh Shukla

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